शुरूआत में सब ठीक-ठाक रहा, लेकिन कुछ दिनों बाद उसके पास केंद्र का संचालक विद्यादत्त रतूड़ी आया और उसे स्मैक देने का लालच दिया। उसने स्मैक के बदले शारीरिक संबंध बनाने की शर्त रखी। इसके बाद जबरदस्ती दुष्कर्म किया और उसे स्मैक का नशा दे दिया।
आरोप है कि इसके बाद कई बार इसी तरह से उसने दुष्कर्म किया। इसकी शिकायत जब उसने यहां की डायरेक्टर विभा सिंह से की तो उसने डंडों से उसे पीटा। अन्य युवतियों ने भी पुलिस को बताया कि संचालक उनके साथ भी बहुत भद्दी तरह से छेड़छाड़ करता था। शिकायत करने पर विभा सिंह बुरी तरह मारती थी।
सीओ सदर अनुज कुमार सिंह ने बताया कि युवतियों की शिकायत पर विद्यादत्त रतूड़ी व विभा सिंह के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट, गाली गलौच और आपराधिक षड़यंत्र का मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें से विभा सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। विद्यादत्त रतूड़ी की तलाश की जा रही है।
गर्भवती होने का अंदेशा, रविवार को भी होगा मेडिकल
पुलिस ने सभी पीड़िताओं का कोरोनेशन अस्पताल में मेडिकल कराया है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे दो माह से माहवारी नहीं हुई है। ऐसे में उसके गर्भवती होने का भी अंदेशा है। शनिवार को मेडिकल पूरा नहीं हो पाया है। लिहाजा, रविवार को भी मेडिकल कराया जाएगा। इसके बाद ही पता चल सकेगा कि पीड़िता गर्भवती है या नहीं। पुलिस ने शनिवार को युवतियों के मजिस्ट्रेटी बयान भी दर्ज करा दिए हैं।
आरोपी की तलाश में घर पर दबिश
आरोपी मूल रूप से छिद्दरवाला का रहने वाला है। एसओ क्लेमेंटटाउन धर्मेंद्र रौतेला ने बताया कि उसके घर पर भी दबिश दी गई है। अभी तक उसका कुछ पता नहीं चल सका है। केंद्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के भी फुटेज कब्जे में लिए जा रहे हैं।
बता दें कि इससे पहले क्षेत्र के एक अन्य नशा मुक्ति केंद्र से आठ युवक फरार हो गए थे। इनमें से सात अगले दिन अपने घर पहुंच गए थे, जबकि एक तीन दिन बाद अपने घर पहुंचा था।
चार लड़कियों में से एक ने संचालक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। जबकि, तीन ने छेड़छाड़ की बात कही है। डायरेक्टर पर मारपीट व गाली गलौच का आरोप है। डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िताओं का मेडिकल अभी पूरा नहीं हुआ है। रविवार को भी मेडिकल की प्रक्रिया की जाएगी।
- सरिता डोभाल, एसपी सिटी
संचालक को पता था कि अगर लड़कियां पुलिस के हाथ लगीं तो उसका जेल जाना तय है। इसलिए वह पहले लड़कियों को खुद ही ढूंढने लगा। इसके बाद जब एक लड़की पुलिस के हाथ आई तो उसने तत्काल अपना फोन बंद कर लिया और वहां से भाग निकला। देर शाम तक आरोपी का पता नहीं चल सका था।
दरअसल, गुरुवार को शाम सात बजे के आसपास लड़कियां वहां से भागी थीं, संचालक ने इसकी खबर किसी को नहीं की। लगभग नौ बजे उसने पुलिस को बताया। इसके बाद भी वह अपने लोगों के साथ मिलकर लड़कियों को ढूंढता रहा। उसकी मंसा थी कि लड़कियां उसे पुलिस से पहले मिल जाएं। वह लगातार पुलिस के संपर्क में भी बना हुआ था।
पुलिस भी उससे फोन पर लगातार अपडेट ले रही थी। पुलिस के अनुसार उस वक्त ऐसा लग रहा था कि वह पुलिस की मदद कर रहा है, लेकिन जैसे ही एक लड़की के मिलने की खबर उसे लगी तो उसका फोन तत्काल ही स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद तमाम ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका है।
एक अन्य नशा मुक्ति केंद्र पर भी आरोप
एक पीड़िता शहर के एक अन्य नशा मुक्ति केंद्र में भी रह चुकी है। यहां के स्टाफ पर भी उसने यही आरोप लगाए हैं। कहा कि वहां पर स्टाफ उससे अश्लील बातें करता था। करीब साढ़े तीन माह बाद उसकी मां मिलने आई तो मां के साथ वापस चली गई।
दुष्कर्म का आरोपी विद्यादत्त रतूड़ी पहले भी जेल जा चुका है। उसे टिहरी पुलिस ने लड़की को अगवा करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। कई महीने जेल में रहने के बाद उसे जमानत मिली थी। इसके बाद ही उसने यहां पर नशा मुक्ति केंद्र में नौकरी की और फिर बाद में अपना नशा मुक्ति केंद्र खोल लिया।
एसओ धर्मेंद्र सिंह रौतेला ने बताया कि आरोपी विद्यादत्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है। फिलहाल उसके बारे में पता चला है कि उसे टिहरी पुलिस ने भी गिरफ्तार किया था। उस पर एक लड़की का अपहरण का आरोप था। विद्यादत्त के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
लड़कियों को ब्लैकमेल कर संचालक देता था स्मैक
इस नशा मुक्ति केंद्र में नशा छुड़ाने का कोई प्रबंध नहीं था। न यहां डॉक्टर था और न ही कोई काउंसलर। उल्टे यहां का संचालक ही उन्हें स्मैक उपलब्ध कराता था। यह स्मैक लड़कियां एक बाथरूम में बैठकर लेती थीं। बारी-बारी से उन्हें यह स्मैक ब्लैकमेल कर दी जाती थी।
...तो छह ग्राम स्मैक दे दूंगा
उसने बताया कि मैं जब यहां भर्ती होने आई तो मां मुझे लेकर आई थी। यहां मैने देखा कि तीन-चार लड़कियां एक साथ बाथरूम में जाती हैं। इसके आधे घंटे बाद वहां से आती हैं। मैंने पूछा कि क्या करते हो अंदर। तो उन्होंने कहा कि स्मैक लगाते हैं। उन्होंने मुझसे कहा कि रतूड़ी सर ही उन्हें यह स्मैक देते हैं। मैं इस बात को सुनकर चौंक गई। इस पर उनमें से एक लड़की ने कहा कि यदि तुझे भी स्मैक चाहिए तो रतूड़ी सर के साथ फिजिकल होना पड़ेगा। मना किया तो लड़कियां मजाक कहकर बात टाल गईं।
मुझे स्मैक लेनी थी तो मैंने एक लड़की से मांग ली। मैंने भी बाथरूम में जाकर स्मैक ले ली। धीरे-धीरे पता चला कि रतूड़ी तो सबके साथ ही इस तरह की हरकतें करता था। एक बार उसने एक लड़की के साथ एक कमरे में दुष्कर्म किया। वहां से निकलकर लड़की ने मुझे बताया कि रतूड़ी उसके साथ फिजिकल हुए थे और कह रहे थे कि तुम मेरे साथ हो जाओ तो छह ग्राम माल (स्मैक) दे दूंगा। इसके बाद मैंने किसी न किसी तरह यहां से निकलने के लिए ठान लिया।