मोहाली के सेक्टर-71 में चार हमलावरों ने नौ गोलियां मारकर यूथ अकाली नेता विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिंडूखेड़ा की हत्या कर दी। हमलावरों ने शनिवार सुबह चार से पांच मिनट में वारदात को अंजाम दिया। विक्की को करीब आधा किलोमीटर तक दौड़ाया और दम तोड़ने तक ताबड़तोड़ 20 गोलियां बरसाईं। वारदात सीसीटीवी के कैद हो गई है।
हमलावर सफेद रंग की मोहाली नंबर की आई-20 कार से आए थे। पुलिस ने अज्ञात हमलावरों पर हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। उधर, हत्या की जिम्मेदारी दविंदर बंबीहा ग्रुप के नाम से बनी फेसबुक आईडी पर ली गई है। इस वारदात को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम मजीठिया ने मामले को गंभीर बताते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है।
विक्की मिंडूखेड़ा सुबह करीब साढ़े दस बजे सेक्टर-71 स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर से मिलने आया था। प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर से निकलकर करीब 11 बजे जब वह अपनी फार्रच्यूनर कार में सवार होने लगा तो तभी हाथों में पिस्तौल लिए दो हमलावर तेजी से दौड़ते हुए उसकी कार तक आए और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
विक्की अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर तक नहीं निकाल सका। वह बड़ी तेजी से कार से नीचे उतरा और जान बचाने के लिए भागा। हमलावर लगातार फायरिंग करते गए। गोली लगने से विक्की के हाथ से खून बह रहा था। वह मार्केट के आगे से होते हुए सामुदायिक केंद्र में घुस गया। हमलावर पीछा करते हुए वहां भी पहुंच गए।
विक्की सामुदायिक केंद्र की दीवार फांदकर साथ लगते पार्क में गिर गया और फिर उठ नहीं पाया। यहां हमलावरों ने विक्की पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीन गोलियां विक्की के सिर और छह पीठ पर लगी हैं। हमलावरों के भाग जाने के बाद लोगों ने विक्की को आईवी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। देर शाम सिविल अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम किया गया। एसएससी मोहाली सतिंदर सिह ने कहा कि हत्या गैंगवार में की गई है या किसी रंजिश में, इसकी जांच की जा रही है।
सामने 12 फुट की दीवार न होती तो बच सकती थी जान
विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की मिंडूखेड़ा ने हमलावरों से बचने की पूरी कोशिश की लेकिन किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। जब उन पर हमला हुआ तब वह अपनी कार में बैठे ही थे। कार को स्टार्ट करने से पहले ही हमलावर कार तक पहुंच गए और गोलियां चलाने लगे। सबकुछ इतनी जल्दबाजी में हुआ कि वह अपनी लाइसेंसी पिस्तौल तक नहीं निकाल सके। फिर भी वह काफी तेजी से कार से उतरे और भागकर जान बचाने की कोशिश की लेकिन जिस ओर वह भागे, उस तरफ सामने दीवार थी, जिसकी ऊंचाई करीब 10-12 फुट थी। ऐसे में वापस मुड़कर वह दोबारा मार्केट की तरफ भागे लेकिन हमलावरों ने उन्हें पूरी तरह से घेर लिया। इसके बाद जब तक विक्की मिंडूखेड़ा ने दम नहीं तोड़ा हमलावर उनका पीछा कर गोलियां बरसाते रहे।
कॉलेज समय में विक्की और लॉरेंस में थी अच्छी दोस्ती
कॉलेज के दिनों में विक्की और लॉरेंस बिश्नोई अच्छे दोस्त थे। दोनों चंडीगढ़ के कॉलेज में पढ़ते थे। लॉरेंस अब गैंगस्टर की सूची में शुमार है। मिंडूखेड़ा 2007-08 में स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (सोपू) का सदस्य और प्रेसिडेंट भी रहा। 2013 में वह शिरोमणि अकाली दल के स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया (सोई) में शामिल हो गया था। वह सोई का चंडीगढ़ यूनिट का इंचार्ज भी रहा। अकाली दल की जनसभाओं में भी शामिल होता था। बीते फरवरी माह में मोहाली नगर निगम चुनाव में विक्की के भाई अजय पाल सिंह ने चुनाव लड़ा था। इस दौरान विक्की ने पूरी ताकत लगाई थी।