जांच में कार्यालय में कॉल सेंटर संचालित मिला। कॉलिंग के लिए 32 स्लॉट वाला सिम बॉक्स इस्तेमाल किया जा रहा था। दूरसंचार विभाग के अधिकारी ने उपकरण की जांच कर इसके इस्तेमाल को निर्धारित दूरसंचार मानकों के विपरीत बताया। पुलिस के अनुसार ऐसे उपकरण से कॉल की वास्तविक पहचान छिपाई जा सकती है। जांच में यह भी सामने आया कि कॉल सेंटर से ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और उससे जुड़े लाभ बताने के नाम पर कॉल की जाती थी।
पुलिस के अनुसार कॉल सेंटर में दूरसंचार संबंधी निर्धारित 1600 नंबर सीरीज के बजाय व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से कॉल की जा रही थी। मामले में कंपनी मैनेजर लक्ष्मण प्रसाद और रीजनल मैनेजर जगमोहन सिंह रावत को गिरफ्तार किया गया है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में बीएनएस, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।