बता दें कि प्रदेश सरकार और उसके उपक्रम अभी तक स्वयं सहायता समूहों से हथकरघा उत्पाद, हस्तशिल्प कपड़ा, किराना पेंट्री, दफ्तर का सामान और पर्सनल केयर व हाइजीन उत्पाद की अधिप्राप्ति नियमावली के तहत खरीद की सुविधा थी।
ठेकेदारों की बैंक गारंटी कम कर तीन फीसदी की
प्रदेश सरकार ने सरकारी कार्यों से जुड़े ठेकेदारों को भी फौरी राहत दी है। कोविड-19 महामारी की मार से पीड़ित ठेकेदारों को राहत देने के लिए सरकार ने केंद्र की तर्ज पर अधिप्राप्ति नियमावली में छूट दी है। नई व्यवस्था के तहत ठेकेदारों से संविदा की लागत की तीन फीसद की दर से बैंक गारंटी ली जाएगी। नियमावली के तहत संविदा लागत की पांच से 10 फीसदी दर पर बैंक गारंटी का प्रावधान था। सरकार ने इसमें दो से सात फीसदी की कमी की है। यह व्यवस्था 31 दिसंबर 2021 तक लागू रहेगी। इसके बाद आवंटित ठेकों में पांच से 10 फीसदी की दर से बैंक गारंटी की शर्त लागू प्रभावी हो जाएगी। कम की गई बैंक गारंटी संविदा पूरा होने तक लागू रहेगी।
विवाद या न्यायिक वाद वालों को लाभ नहीं
सरकार की इस राहत का उन ठेकेदारों को लाभ नहीं मिलेगा, जिनका कोई विवाद है और आर्बिटेशन या न्यायालय में कार्यवाही शुरू हो गई है या विचाराधीन है।