बाद में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर लोगों को सड़कों से तितर बितर कर यातायात बहाल कराया था। इसके चलते टीम ने अतिक्रमण अभियान नहीं चलाया। हालांकि मकानों पर लाल निशान लगाए थे। बुधवार को माना जा रहा था कि अतिक्रमण हटाया जाएगा। सुबह के समय कई जेसीबी और भारी संख्या में पुलिस बल भी पहुंच गया था। लेकिन अतिक्रमण चिह्नित होने का काम पूरा नहीं हो पाने के कारण अभियान को स्थगित कर दिया गया।
जिसके बाद एमडीडीए की टीम ने लोगों से उनके घर के बाबत 2016 से पहले के प्रमाण पत्र देखे। जिन लोगों के पास प्रमाण पत्र नहीं मिले, उनके घरों पर निशान लगाए गए। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि नगर निगम की ओर से जो सूची सौंपी गई थी, उसी पर जांच करते हुए कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ जो लोग अभी भी वैध प्रमाण प्रस्तुत कर रहे हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।