दिग्गज लेखकों, कथाकारों, साहित्यकारों के संगम का प्रतीक देहरादून लिटरेचल फेस्टिवल के दूसरे दिन दो आईपीएस अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करने के साथ अपनी पुस्तकों के बारे में विस्तार से चर्चा की। शनिवार को सभा को संबोधित करते हुए डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि बीते कुछ सालों में पुलिस की छवि बदली है। पहले सिर्फ लोग पुलिस के संबंध में नकारात्मक सोच ही रखते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है।
देहरादून इंटरनेशनल स्कूल के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी अशोक कुमार ने अपनी पुस्तक ‘खाकी में इंसान’ और आईपीएस अमित ने अपनी पुस्तक ‘बिहार डायरीज’ पर चर्चा की। डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि कोरोना काल में देश भर की पुलिस ने बेहतर काम कर लोगों के बीच सकारात्मक सोच बनाई है। पुलिस लोगों की रक्षा के लिए है। इन सब पहलुओं को ही उन्होंने अपनी पुस्तक में लिखा है।
ये भी पढ़ें...देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल 2022: रस्किन बांड और इम्तियाज अली के साथ होगा आज स्टोरी टैलर्स कनवर्शेसन, सोनू निगम सहित ये हस्तियां पहुंचेंगी
वहीं आईपीएस अमित ने अपनी किताब ‘बिहार डायरीज’ पर बात करते हुए बताया कि यह किताब एक जांबाज पुलिस अधिकारी की कहानी है जो अपनी हिम्मत और सूझबूझ के बल पर एक खूंखार अपराधी सामंत प्रताप और उसके गुर्गों को सलाखों के पीछे पहुंचाता है। जल्द ही उनकी किताब पर लोगों को वेबसीरीज भी देखने को मिलेगी। इस मौके पर सभा में मौजूद लोगों ने पुलिस की कार्यप्रणाली के साथ अन्य सवाल भी किए। जिनका डीजीपी अशोक कुमार और आईपीएस अमित ने विस्तार से जवाब दिए।