इस मौके पर पूर्व आईएफएस सनातन सोनकर ने कहा कि वन विभाग में अफसर रहते हुए वह नियम-कायदों में बंधे थे। तमाम ऐसे काम हैं जो कि वन्य जीवों ही नहीं बल्कि आम इंसानों के लिए भी किए जा सकते हैं। इसके लिए ही उन्होंने राजनीति की राह चुनी है। सरकार में आने के बाद वह कानून बनाकर जनता की सेवा कर सकते हैं।
तीन साल रहे हैं राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक
सनातन सोनकर वर्ष 2016 से 2019 तक राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक पद पर तैनात रहे हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश निवासी सोनकर ने पिछले वर्ष रिटायरमेंट से पांच माह पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के लिए आवेदन किया था, जिसके बाद सरकार ने अक्तूबर माह में उनका आवेदन स्वीकार कर लिया था।
इस मौके पर प्रदेश महासचिव अनिल कुमार, प्रदेश प्रवक्ता अजय सोनकर, डॉ. कदम सिंह बालियान, प्रदेश सचिव वीरेंद्र सिंह, कार्यालय प्रभारी ज्ञानचंद यादव उपस्थित रहे ।