एक युवक गर्लफ्रेंड से चैटिंग में इतना मस्त हो गया। जब उसकी मदहोशी टूटी तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। वह लुट चुका था। रोते-रोते उसने बताया कि वह बर्बाद हो गया। जानिए, पूरा मामला...
मोबाइल फोन पर चैटिंग में एसआईपीएल का कर्मचारी सुनील इतना मदहोश था कि पूरे 11 मिनट गुजरने पर उसकी जब मदहोशी टूटी तब तक सबकुछ खत्म हो गया। कर्मचारी की लापरवाही की दास्तां सीसीटीवी फुटेज बयां कर रही है।
फुटेज में वह कभी अपने बाल झटक रहा था तो कभी फोन पर बात करने में व्यस्त या फिर पर्स निकालकर उसे खोलने में मशगूल है, लेकिन पास रखी 87 लाख की रकम को लेकर वह बिलकुल भी संजीदा नहीं दिखाई दिया। टप्पेबाज ने महज 30 सेकंड में हाथ की सफाई दिखाई। वह बड़े ही स्टाइल में अंदर दाखिल हुआ।
यहां जानिए, पूरा मामला...
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आईसीआईसीआई बैंक शाखा में घुसते ही बाई तरफ दो एटीएम मशीन है, उन्हीं में ही रकम डाली जानी थी। कर्मचारी ने एटीएम के पास रकम से भरे बैग रखे थे। कर्मचारी को जब टप्पेबाज ने कहा कि एटीएम के बगल में कुछ पैसे पड़े है तो वह उन्हें उठाने में मशगूल हो गया।
रुपए उठाने के बाद भी कर्मचारी सुनील ने रकम से भरे दोनों बैग को देखना मुनासिब नहीं समझा। फिर वह पूरे ग्यारह मिनट तक भी एटीएम मशीन खोलता रहा तो कभी मोबाइल फोन पर गर्लफ्रेंड से चैटिंग करता रहा। फोन पर भी उसने बातचीत की।
पर, बैग पर ध्यान नहीं दिया। हां इस बीच बाल भी संवारे। बैग के ऊपर रखा एक पेपर भी उठाया मगर वह शायद अपनी प्रेम लीला में इतना खोया हुआ था कि उसे तब भी एक बैग का गायब होना नहीं दिखा। इस बीच एक व्यक्ति भी एटीएम की तरफ आया। तब भी सुनील ने अलर्ट होना मुनासिब न समझा। जाहिर है कि 87 लाख की रकम को लेकर वो संवेदनशील नहीं था। फिर जब तंद्रा टूटी तब होश ही फाख्ता हो गए।
टप्पेबाज का नहीं दिख रहा चेहरा
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बैग उठा रहा टप्पेबाज सीसीटीवी कैमरे में भले ही कैद हुआ है लेकिन उसका चेहरा नहीं दिखाई दे रहा है। बैंक शाखा में घुसने से लेकर वारदात को अंजाम देने तक उसका चेहरा झुका ही रहा था। हां, उसके तीन साथी बैंक शाखा के बाहर खड़े थे। ये सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ है। बैंक शाखा के बगल में हरिकृपा पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे में भी टप्पेबाज अपने साथियों के साथ आराम से चंद्राचार्य चौक की तरफ जाता हुआ दिखाई दे रहा है।
मौजूदा समय में जहां एटीएम है वहां कभी एटीएम नहीं हुआ करते थे। एटीएम बैंक शाखा के बाहर थे। बकायदा शटर भी लगा हुआ था। जब कैश डाला जाता था तब शटर गिरा दिया जाता था। मगर, कुछ माह पूर्व बैंक प्रबंधन ने 24 घंटे ई बैंकिंग के लिए शाखा के एंट्री प्वाइंट पर ही तीन एटीएम, चेक और नगदी जमा करने की मशीनें लगा दी। यदि एटीएम अलग से होते तो शायद बंद करके ही कैश डालने की व्यवस्था लागू होती।