महज 870 रूपए के लालच में एटीएम में कैश डालने का कार्य करने वाली एक कंपनी के कर्मचारी ने 42 लाख की रकम गंवा दी। वो तो शुक्र है 87 लाख की रकम से भरा दूसरा बैग बाल बाल बच गया।
42 लाख की रकम से भरा बैग ले उड़ने की घटना से हरिद्वार पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। सीसीटीवी फुटैज खंगालने के बाद चले सर्च ऑपरेशन में टप्पेबाजों का कोई सुराग नहीं लग सका है।
घटना मंगलवार दोपहर करीब बारह बजे चंद्राचार्य चौक से फलांग भर की दूरी पर आईसीआईसीआई बैंक शाखा कैंपस में घटी। देहरादून की नेहरू कालोनी की सिक्योरटीइन इंडिया प्राईवेट लिमिटेड (एसआईपीएल) के पास आईसीआईसीआई बैंक शाखा के एटीएम में नगदी जमा करने की जिम्मेदारी है।
मंगलवार को कंपनी के कर्मचारी सुनील शर्मा पुत्र अशोक निवासी श्यामपुर कांगड़ी, मोहन पुत्र कुलदीप निवासी विष्णु गार्डन कनखल, ड्राइवर मनोज पुत्र सुखराम निवासी प्रतीत नगर रायवाला एवं सिक्योरिटी गार्ड वरूण पुत्र धर्मवीर निवासी अंबूवाला पथरी बैंक शाखा पहुंचे।
बैंक शाखा के काउंटर से 87 लाख की रकम से भरे दो बैग लेकर एक कर्मचारी सुनील एटीएम में डालने लग गया जबकि ड्राइवर, गार्ड एवं कर्मचारी दूसरे जगह पर कैश लेने चले गए।
इस तरह हुआ पूरा खेल
इसी दौरान बैंक शाखा में दाखिल हुए एक युवक ने रकम डाल रहे कर्मचारी सुनील को इशारा कर कहा कि एटीएम के बगल में रूपए पड़े हुए है। जैसे ही वह रूपए उठाने लगा इसी बीच 42 लाख की रकम से भरा बैग लेकर युवक चलता बना।
काफी देर बाद जब कर्मचारी ने रकम डालने के लिए बैग उठाया तब उसके होश फाख्ता हो गए। देखा कि एक बैग मौके से गायब था जबकि दूसरा रखा हुआ था। घटना की सूचना मिलने पर सीओ सदर जेपी जुयाल, कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह, हरिद्वार कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह अधिकारी मय फोर्स मौके पर पहुंचे।
सीसीटीवी फुटैज में एक युवक बैग उठाता हुआ साफ दिखाई दिया। फिर बैंक शाखा के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटैज खंगाली गई तब सामने आया कि टप्पेबाज चार की संख्या में थे।
स्थानीय पुलिस ने आस पास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन भी चलाया लेकिन असफलता ही हाथ लगी। सीओ सदर जेपी जुयाल ने बताया कि मामले की गहनता से जांच कर रहे है।