पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने वन विहार स्थित मकान में छापा मारकर सैक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से दो दलाल और दो ग्राहकों समेत दस लड़कियों को पकड़ा है।
रैकेट संचालक फरार है। वह रैकेट ऑनलाइन चलता था। ग्राहकों की बुकिंग पर देहरादून के अलावा उत्तर प्रदेश और दिल्ली से लड़कियां आती थी। पुलिस ने रैकेट में पकड़ी गई सभी लड़कियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। इनमें अधिकतर लड़कियां शहर के कॉलेजों में पढ़ने वाली हैं।
एसपी सिटी प्रदीप राय के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर सहायक पुलिस अधीक्षक सदर ने पटेलनगर और क्लेमेंटटाउन थाना पुलिस के साथ शिमला बाईपास स्थित वन विहार में संदीप शर्मा के मकान में छापा मारा। मकान के अंदर अलग-अलग कमरों में कुछ लोग आपत्तिजनक हालत में मिले। एक कमरे में कुछ लड़कियां और दलाल आपस में लेनदेन की बातें कर रहे थे। पुलिस ने मकान की तलाशी लेकर चार युवकों और दस लड़कियों को हिरासत में ले लिया।
एसपी सिटी के मुताबिक थाने में पूछताछ के बाद नौ लड़कियों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। लड़कियों ने बताया कि वे दून के कॉलेजों में पढ़ती हैं। गर्मियों की छुट्टियां हैं। खर्चे पूरे करने के लिए ये काम करती हैं। राबर्ट निवासी राजपुर रोड देहरादून से उनका संपर्क है। राबर्ट ही उनके लिए ग्राहक ढूंढता है।
एसपी के मुताबिक सैक्स रैकेट संचालन में राशिद निवासी एमडीडीए केदारपुर, संदीप शर्मा निवासी वन विहार, योगेश निवासी नारी निकेतन पुल केदारपुरम, नरेश कुमार निवासी कररावत माणकपुर पालक रेवाडी हरियाणा और क्लेमेंटटाउन निवासी 33 साल की एक युवती को गिरफ्तार कर लिया गया है।
व्हाट्सएप से ग्राहक को भेजी जाती थी फोटो
देह व्यापार
पुलिस के मुताबिक रैकेट राबर्ट चलाता है। राशिद और क्लेमेंटटाउन निवासी युवती कमीशन पर दलाली करते थे। योगेश और नरेश ऑनलाइन बुकिंग करके आए थे। जबकि संदीप अपने मकान में रैकेट संचालित कराता था। संदीप को धंधे का 30 फीसदी कमीशन मिलता था। पुलिस ने पकड़े गए पांचों लोगों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। छापामार टीम में एएसपी सदर लोकेश्वर सिंह, दिलबर सिंह, प्रेम कोरंगा, विपिन बहुगुणा, सतेंद्र नेगी, सतेंद्र बुटोला, सुरभि राणा, अजय कुमार आदि मौजूद थे।
रैकेट से जुड़ी है लंबी चेन
सैक्स रैकेट से दून के कई लोग जुड़े हैं। दलालों और लड़कियों के मोबाइल फोन की छानबीन में कई सफेदपोश, व्यवसायी और नामी लोगों के नंबर मिले हैं। पुलिस इन नंबरों की छानबीन में जुट गई है।
जैसी लड़की, वैसे पैसे
राशिद ने पूछताछ में बताया कि एक लड़की 10 से 20 हजार रुपये में आती थी। ग्राहकों की पसंद पर लड़कियों को बुलाया जाता था। ग्राहकों की डिमांड पर लड़कियों को होटलों में भी रुकवाया जाता था।
व्हाट्सएप से ग्राहक को भेजी जाती थी फोटो
राशिद के मुताबिक ढाई साल से वह धंधे से जुड़ा है। ग्राहक को पसंद करने के लिए लड़कियों की फोटो उपलब्ध कराई जाती थी। फोटो व्हाट्सएप से भेजी जाती थी।