चंडी देवी मंदिर से दर्शन कर लौट रहे युवक ने प्रेमिका के साथ मिलकर अपनी पत्नी और एक साल के बच्चे को मारने के लिए पहाड़ी से नीचे फेंक दिया। पहाड़ी से फेंकने के बाद मां-बेटे झाड़ियों में फंस गए।
इस पर आरोपी ने दोनों को दोबारा मारने का प्रयास किया लेकिन वे बच गए। इसी बीच पहुंची पुलिस ने प्रेमिका का हिरासत में लिया। जबकि आरोपी घंटों कांबिंग के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ पाया।
दिलीप पासवान (26 वर्ष, निवासी गांव जगदबनदीहा, थाना सासाराम, जिला रोहतास, बिहार) कोटद्वार स्थित एक फैक्ट्री में काम करता है। बुधवार सुबह वह अपनी पत्नी और प्रेमिका शीला (पत्नी सुरेंद्र कुमार निवासी गांव आंदीपुर, थाना अफजलगढ़, बिजनौर) के साथ चंडी देवी के दर्शन करने आया हुआ था।
लौटते समय पत्नी व बच्चे को दिलीप व प्रेमिका मंदिर से थोड़ी दूर एक सुनसान जगह ले गए और खाई में धक्का दे दिया लेकिन दोनों झाड़ी में फंस गए।
इससे पहले गंगा में धकेलने की कोशिश की
उसके बाद आरोपी खाई में उतरा और फिर दोनों को धकेलना लग गया। इसी बीच उधर से मंदिर जा रहे कुछ लोगों की नजर उन पर पड़ गई और हल्ला मचा दिया।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से प्रेमिका को हिरासत में लिया। जबकि आरोपी युवक पुलिस को देखते ही खाई में कूदकर जंगल की ओर भाग निकला। करीब ढाई घंटे की कांबिंग के बाद पुलिस टीम ने आरोपी युवक को गिरफ्तार किया।
थानाध्यक्ष अनुज सिंह ने बताया कि महिला को हल्की खरोंचें आई हैं जबकि बच्चा ठीक है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार रात आरोपी बिहार से सीधे हरिद्वार पहुंचा था। रात को आरोपी पत्नी को गंगा घाट पर घुमा रहा था।
उस समय भी उसने पत्नी और बेटे को गंगा में धक्का देने का प्रयास किया था लेकिन मौके पर पुलिस और अन्य लोगों के होने के कारण उसे सफलता नहीं मिली।
मकान मालकिन बताकर कराया प्रेमिका का परिचय
आरोपी दिलीप कोटद्वार स्थित एक स्टील फैक्ट्री में नौकरी करता था। इस दौरान ही कोटद्वार में रहते हुए उसकी मुलाकात शीला से हुई। जहां पर दोनों ने शादी करने का फैसला किया।
हालांकि दोनों पहले से ही शादीशुदा थे। इसलिए दिलीप ने शीला के साथ मिलकर पहले अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। योजना के अनुसार दिलीप अपनी पत्नी और एक साल के बच्चे को पहली बार बिहार से हरिद्वार घुमाने के लिए लाया।
इसी दौरान उसने शीला को अपनी मकान मालकिन बताते हुए अपनी पत्नी से उसका परिचय कराया। योजना के अनुसार उन्होंने चंडीदेवी मंदिर से लौटते हुए अपनी पत्नी को पहाड़ी से धक्का दे दिया। लेकिन लोगों और पुलिस की तत्परता के कारण अपनी योजना का अंजाम नहीं दे पाया।