सीडीओ अर्चना गहरवार ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर चार लाख 46 हजार रुपये निकालने के आरोप में पूर्व प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में टिहरी स्थित रतोली ग्राम पंचायत के पूर्व प्रधान रमेश लाल ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी विनय बहुगुणा के फर्जी हस्ताक्षर कर ग्राम पंचायत निधि के खाते से 17 अगस्त 2013 को 60 हजार, 22 अगस्त को 40 हजार, दो सितंबर को एक लाख, नौ सितंबर को एक लाख, 11 सितंबर को 16 हजार 800, 23 सितंबर को 70 हजार, 28 सितंबर को 10 हजार और चार अक्तूबर को 50 हजार रुपये निकाले थे।
जांच में मामला निकला सही
निकाली गई राशि से ग्राम प्रधान ने पंचायत में विकास का एक भी कार्य नहीं करवाया। फर्जीवाड़े का पता चलने पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने 29 अगस्त को एडीओ पंचायत से शिकायत की, तो उन्होंने जिला पंचायतराज अधिकारी (डीपीआरओ) को इसकी जानकारी दी।
डीपीआरओ ने एडीओ पंचायत को जांच करने के निर्देश देते हुए सीडीओ और डीएम को इसकी प्रतिलिपि भेजी। इसके बाद सीडीओ ने शिकायती पत्र के आधार पर जांच कराई, तो हकीकत सामने आई।
प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश
सीडीओ ने जाखणीधार वीडीओ को पूर्व प्रधान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बीडीओ कीर्ति सिंह पंवार ने बताया कि वीडीओ विनय कुमार बहुगुणा को रतोली के पूर्व प्रधान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है।