फर्जी बिल तैयार कर लाखों का घपला करने वाले पॉलीटेक्निक के पूर्व प्रधानाचार्य को विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया। 11 लाख 40 हजार रुपये की हेराफेरी के इस मामले की दो साल से जांच चल रही थी।
अदालत ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी फिलहाल निलंबित चल रहा है।
ऋषिकेश के मुनि की रेती निवासी शालिगराम गुप्ता पौड़ी जिले के यमकेश्वर ब्लॉक स्थित थलनदी राजकीय ग्रामीण पॉलीटेक्निक में प्रधानाचार्य थे। आरोप है कि गुप्ता ने 19 अगस्त से 18 नवंबर 2004 के बीच केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सामुदायिक विकास योजना के तहत आए 11.40 लाख रुपये में हेराफेरी की।
इस रकम से टीवी सैट, प्रिंटर, मोटरसाइकिल, स्कूटर, मोबाइल, सिलाई मशीन, वोल्टमीटर आदि सामान खरीदना बताया गया, लेकिन बाद में अधिकतर बिल फर्जी निकले।