शुक्रवार को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिलने पर उसे पुलिस ने शिवगंगा एन्क्लेव की ओर जाने वाली सड़क से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से घटना में प्रयोग किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। डीआईजी ने बताया कि वंशिका और हत्यारोपी आदित्य के बीच एक माह पहले फेसबुक पर अपलोड फोटो पर किए गए कमेंट को लेकर कहासुनी हुई थी।
वंशिका ने इसकी शिकायत कॉलेज के अपने सीनियर छात्रों और दोस्तों से की थी। सीनियर छात्रों ने आदित्य के परिजनों से उसकी शिकायत की थी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि इसके बाद कॉलेज बंद हो गया। गुरुवार को जब कॉलेज खुला तो उसकी मुलाकात शाम के समय वंशिका से हुई। इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
पुलिस के डर से रातभर रायपुर के जंगल में छिपा रहा
वंशिका ने सीनियर छात्रों को वहां बुला लिया, जिन्होंने आते ही आदित्य की पिटाई कर दी। बकौल आदित्य जबरन पैर छुआने की घटना से वह आवेश में था लिहाजा वह घर गया और वहां से तमंचा लेकर कॉलेज पहुंचा। वहां एक कैफे में वंशिका उसे मिल गई तो उसने तमंचा दिखाकर दोस्तों को बुलाने के लिए कहा। इसी बीच दोनों के बीच कहासुनी हुई तो आवेश में आकर उसने वंशिका को गोली मार दी।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि गोली मारने के बाद वह दून से भागने के फिराक में था, लेकिन जगह-जगह पुलिस की चेकिंग के कारण वह कामयाब नहीं हो सका। इसके बाद वह रात भर रायपुर के जंगल में छिपा रहा। आज फिर से वह भागने की फिराक में था, लेकिन पकड़ा गया।
तमंचा कहां से आया, पुलिस जांच में जुटी
हत्यारोपी छात्र तमंचा कहां से लेकर आया। इस सवाल का जवाब खोजने के लिए पुलिस जुटी हुई है। हालांकि छात्र का कहना है कि तमंचा उसके घर में काफी पहले से पड़ा था। तमंचा उसके घर में कहां से आया इस सवाल का जवाब पुलिस खोजने में जुटी है।
एचओडी के खिलाफ परिजनों की शिकायत पर भी पुलिस कर रही जांच
वंशिका के परिजनों ने आरोपी के साथ सिद्धार्थ लॉ कॉलेज के एचओडी विनोद राणा के खिलाफ भी तहरीर दी है। इसमें उन्होंने एचओडी पर फीस के लिए दबाव बनाने और धमकी देने का आरोप लगाया है। एसओ रायपुर अमरजीत सिंह ने कहा कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने एचओडी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है लेकिन राणा का हत्या से कनेक्शन है या नहीं इसकी विस्तृत जांच की जाएगी।