यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए पौड़ी जिले के कोटद्वार और समीपवर्ती क्षेेेत्रों के छात्र-छात्राओं के लौटने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार को रतनपुर कुंभीचौड़ निवासी रजत असवाल, देवीरोड डबराल कालोनी निवासी जयेश रावत और तड़ियाल चौक निवासी आयुष कुकरेती सकुशल अपने घर लौट आए हैं।
जबकि कोटद्वार की दो छात्राएं शिवानी शर्मा और आंचल नैथानी भी दिल्ली पहुंच गई हैं। अन्य कई छात्र शुक्रवार शाम को रोमानियां और हंगरी से मुंबई और दिल्ली के लिए रवाना होंगे, जिनके शनिवार तक कोटद्वार पहुंचने की संभावनाएं हैं। घर पहुंचने पर परिजनों ने राहत की सांस ली है।
बस बदलकर रोमानिया बार्डर पहुंचने का प्रयास कर रहे
यूक्रेन में भीषण युद्ध के बीच फंसे इन छात्र-छात्राओं का लगातार अपने घर वालों से संपर्क बना रहा। सभी अपने परिजनों से वहां के विकट हालात के बारे में बताते रहे। कई छात्र-छात्राओं को कई किमी पैदल चलकर बस और ट्रेन मिल पाई, वहीं खारकीव मेें फंसे अनुराग पंवार अपने साथियों के साथ बस बदलकर रोमानिया बार्डर पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
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यूक्रेन से लौटकर ये छात्र-छात्राएं परिजनों को अपने कटु अनुभव सुना रहे हैं। ज्यादातर परिजनों ने अपने बच्चों के कुशलपूर्वक लौटने की मन्नत सिद्धबाबा से मांगी थी। वे सभी बच्चों के संग जल्द बाबा के चरणों में सिर नवाकर प्रसाद चढ़ाने की बात कर रहे हैं।
15 किमी पैदल और टैक्सी से पहुंचे रोमानिया बार्डर
कोटद्वार पहुंचने पर रतनुपर कुंभीचौड़ निवासी पूर्व प्रमुख सुरेश असवाल के बेटे रजत असवाल के सकुशल अपने घर पहुंचने पर परिजनों, नातेदारों और क्षेत्रवासियों ने स्वागत किया। यूक्रेन के इवानोफ्रेक्विस नेशनल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के तृतीय वर्ष के छात्र रजत असवाल ने घर पहुंचने पर आप बीती सुनाई। कहा कि युद्ध के कारण वहां के हालात बहुत भयावह बने हैं।
लगातार हो रहे बम धमाकों से वहां रह रहे विदेशी और यू्क्रेनवासियों में भय का वातावरण बना हुआ है। ज्यादातर विदेशी लौट चुके हैं, लेकिन जो किन्हीं कारणों से नहीं निकल पाए, वे बहुत डरे हुए हैं। रजत बताते हैं कि 24 फरवरी को यूक्रेन के यूवानों एयरपोर्ट पर बम धमाका हुआ था, जिसके बाद से ही वहां रह रहे भारतीय छात्रों में दहशत का माहौल बन गया था। वह खुद 15 किमी पैदल चलकर और कुछ किमी टैक्सी बुक कराकर किसी तरह रोमानिया बार्डर पहुंचे थे।