कुंभ के दौरान हुए कोविड जांच फर्जीवाड़े की रिपोर्ट का शासन को इंतजार है। जिलाधिकारी हरिद्वार से अभी तक फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट नहीं मिल रही है। एक लाख सैंपलों में हुए फर्जीवाड़े की जांच में एसआईटी कर रही है। सैंपल जांच में जिन लोगों के नंबर दिए गए हैं। उन पर संपर्क करने में एसआईटी को समय लग रहा है।
अप्रैल में हुए कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की कोविड जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 11 फर्मों के साथ अनुबंध किया था। जिसमें एक लाख से अधिक सैंपलों की टेस्टिंग में फर्जीवाड़ा हुआ है। एक व्यक्ति की शिकायत पर सैंपल जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया। विभाग की प्रारंभिक जांच में पाया गया कि लगभग एक लाख सैंपलों में फर्जीवाड़ा हुआ है। एक ही सैंपल आईडी और मोबाइल नंबर पर कई लोगों को निगेटिव रिपोर्ट जारी की गई। साथ ही राजस्थान के एक ही पत्ते पर कई लोगों का टेस्ट दिखाया गया। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने फर्मों का भुगतान रोक दिया था।
मामले को गंभीरता से लेते सचिव स्वास्थ्य ने जिलाधिकारी हरिद्वार को जांच सौंप कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन अभी तक जांच रिपोर्ट शासन को नहीं मिली है। सैंपल जांच में फर्जीवाड़ा करने वाली फर्मों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद एसआईटी गठित की गई। विभागीय अधिकारियों के बयान दर्ज करने के साथ ही सैंपल रिपोर्ट में दिए गए नंबरों पर एसआईटी संपर्क कर रही है। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी का कहना है कि डीएम हरिद्वार से जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।