सीएमओ डॉ मनोज उप्रेती ने सभी स्कूलों को मास्क पहनने, फिजिकल डिस्टेंसिंग और हाथ साफ करने के प्रोटोकॉल का पालन करने का निर्देश दिए। बताया कि बुखार, नाक बहना, गले में दर्द, शरीर में दर्द, सूखी खांसी, उल्टी आना, लूज मोशन (दस्त), पूरे शरीर या आंखों आदि दूसरे अंगों में सूजन आना, गर्दन में दर्द, रैशेज आना, आंखें लाल होना, थकान महसूस होना, होंठ फटना, हाथों-पैरों में सूजन आना और पेट दर्द आदि कोरोना के लक्षण हो सकते हैं। इनमें से कोई भी लक्षण है तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
ये भी पढ़ें...धामी सरकार का एक माह: सुशासन और प्रशासनिक सुधार पर फोकस, पढ़ें सत्यापन अभियान सहित बड़े फैसले, जिनकी हुई खूब चर्चा
बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखनी चाहिए। अगर व्यवहार में बदलाव दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों को गंदगी से दूर रखें और बार-बार हाथ धोने की आदत डलवाएं। पांच साल से ऊपर के बच्चों को मास्क के बारे में भी बताएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचें। अगर बच्चा कोरोना टीकाकरण के दायरे में आता है तो टीका जरूर लगवाएं।
-डॉ. अशोक कुमार, वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ, राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल