मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य में कोरोना पॉजिटव के रिकवरी रेट में तेजी से सुधार हुआ है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों एवं स्वास्थ्य विभाग को सतर्कता एवं सुरक्षात्मक दृष्टि से कार्य करने को कहा। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में अब 1700 से अधिक टेस्ट प्रतिदिन हो रहे हैं।
समय-समय पर फोगिंग की जाए
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि डेंगू से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिन जनपदों में पिछले वर्षों में डेंगू का फैलाव कम रहा, उन जनपदों में इसे कैसे नियंत्रित किया जाए इसकी रणनीति तैयार करें। नगर निकायों की ओर से समय-समय पर फोगिंग की जाए।
प्रदेश में कोरोना सैंपल जांच के लिए नैनीताल जिले के नेशनल वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई) मुक्तेश्वर में स्थापित प्रयोगशाला में 29 जून से सैंपल जांच की सुविधा शुरू हो जाएगी। प्रदेेश में एक और लैब बढ़ने से सैंपलिंग में तेजी आएगी। प्रदेश में अब तक 57 हजार सैंपलों की जांच की जा चुकी है।
राज्य में कोरोना जांच के लिए चार सरकारी और एक निजी लैब है। इसमें दून मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी, श्रीनगर, एम्स ऋषिकेश और दून में एक निजी पैथोलॉजी लैब शामिल है। सैंपल की वेटिंग बढ़ने से सरकार ने जांच की सुविधा बढ़ाने पर फोकस किया है।
इसके तहत नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर में आईवीआरआई संस्थान में लैब स्थापित की गई है। जिसे आईसीएमआर की अनुमति मिल गई है। सोमवार से यहां सैंपल जांच शुरू होंगे। इस लैब के शुरू होने से सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी पर भी सैंपल जांच का दबाव कम होगा।