प्रदेश में कोरोना मरीजों की मौत और संक्रमित मामलों में स्थिरता आने के साथ ही सैंपल जांच भी कम हुई है। बीते सात दिन में एक कोरोना मरीज की मौत हुई है। जबकि 48 लोग संक्रमित पाए गए। नौ महीने में एक सप्ताह में सबसे कम सैंपल जांच हुई है।
प्रदेश में कोरोना काल को 602 दिन पूरे हो गए हैं। दूसरी लहर के बाद संक्रमित, रिकवरी और मृत्यु दर निचले स्तर पर है, लेकिन त्योहारी सीजन के बावजूद सैंपल जांच में गिरावट आई है। बीते नौ महीने में सात दिनों में सबसे कम सैंपलों की जांच हुई है।
सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन की ओर से स्वास्थ्य विभाग के कोरोना आंकड़ों की विश्लेषण रिपोर्ट जारी की गई। 31 अक्तूबर से 6 नवंबर तक प्रदेश में कुल 56384 सैंपलों की जांच की गई। जिसमें 48 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। जबकि 55 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं। सिर्फ एक कोरोना मरीज की मौत हुई है।
फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में संक्रमित, रिकवरी और मृत्यु दर में कमी राहत भरी है, लेकिन दूसरी तरफ सैंपल जांच कम हो रही है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग का त्योहारी सीजन में सैंपल जांच पर विशेष फोकस रहना चाहिए।
दो दिन पहले रुड़की और भगवानपुर में मिले संक्रमितों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री सामने नहीं आई है। ऐसे में विभाग दोनों के संपर्क में आने वाले लोगों के सैंपल लेने की तैयारी कर रहा है। कई महीने से शहर और देहात क्षेत्र में कोरोना के मरीज मिलने बंद हो गए थे। ऐसे में लोगों ने भी लापरवाही बरतनी शुरू कर दी थी। लोगों ने शारीरिक दूरी तो बहुत दूर मास्क और सैनिटाइजर का प्रयोग बिलकुल बंद कर दिया था। वहीं शनिवार को कोरोना के दो नए मरीज मिलने से हड़कंप मचा है।
इसमें एक गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक कॉलोनी निवासी युवक है जबकि दूसरी भगवानपुर क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला है। दोनों के संक्रमित मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों से और उनके परिवार से संपर्क किया। पूछताछ में सामने आया कि दोनों ही लोग न तो कहीं बाहर से आए थे और न ही उनके संपर्क में कोई बाहरी व्यक्ति आया है। यही नहीं, उनके परिवार में अन्य कोई व्यक्ति इस समय बुखार या अन्य किसी बीमारी से पीड़ित भी नहीं है।
ऐसे में दोनों ही मरीजों की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं होने से स्वास्थ्य विभाग असमंजस में पड़ गया है। विभाग अब दोनों संक्रमितों के संपर्क में आने वाले लोगों के सैंपल लेने की तैयारी कर रहा है। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि ट्रेवल हिस्ट्री नहीं होने से स्थिति और गंभीर लग रही है क्योंकि अब तक पड़ताल में उनके संपर्क में आए किसी में भी कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं। अब आसपास के लोगों के सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।