उत्तराखंड में बीते 24 घंटे के भीतर 4759 कोरोना संक्रमण की चपेट में आए हैं। जबकि सात मरीजों की मौत हुई है। 2712 संक्रमित ठीक हुए हैं। सक्रिय मामले भी 28 हजार पार हो गए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या 396674 पहुंच गए हैं।
कोटद्वार विधानसभा चुनाव में सुरक्षा के लिए पहुंचे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की 50वीं बटालियन के कोरोना पॉजिटिव निकले 30 जवानों की रिपोर्ट अब कोरोना निगेटिव आ गई है। 11 जनवरी को कोटद्वार विधानसभा के चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था बनाने के लिए बीएसएफ की 50वीं बटालियन की ई-कंपनी कोटद्वार पहुंची थी। यह कंपनी कोटद्वार से पहले राजस्थान के भुज बॉर्डर पर तैनात थी और वहां से कंपनी के 82 जवान सीधे कोटद्वार के राजकीय इंटर कालेज कण्वघाटी में पहुंचे थे।
उत्तराखंड में कोरोना की तीसरी लहर ने चुनाव प्रचार की रफ्तार रोक दी है। जिस तेजी के साथ संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं, उससे चुनाव रैली, रोड शो पर लगी बंदिशें बढ़ सकती हैं। ऐसे में सियासी दलों और प्रत्याशियों के पास शक्ति प्रदर्शन करने का मौका नहीं रहेगा। संक्रमण को देखते हुए सियासी दल सोशल मीडिया के सहारे प्रचार और घर-घर संपर्क करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
प्रदेश में 14 फरवरी को मतदान होना है। निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव का एलान करने बाद से संक्रमण ने भी दोगुनी रफ्तार पकड़ी है। एक जनवरी को प्रदेश में जहां एक दिन में 118 संक्रमित मामले मिले थे। वहीं वर्तमान में साढ़े हजार से अधिक संक्रमित मामले सामने आ रहे है। चुनाव के बीच कोविड संक्रमण रोकने की बड़ी चुनौती है। हालांकि चुनाव आयोग ने संक्रमण को देखते हुए चुनाव रैली, रोड शो पर प्रतिबंध लगाया है। जिससे शहरों और गांवों में चुनावी माहौल नहीं बना है। रैली और रोड पर प्रतिबंध होने से अब राजनीति दल सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों तक पहुंच बना रहे हैं। वहीं घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करने पर जोर है।
प्रदेश में चुनाव के लिए अब 22 दिन का समय शेष बचा है। ऐसे में कोरोना महामारी के बीच राजनीति दलों और प्रत्याशियों के आम लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का वक्त कम है। कोरोना की तीसरी लहर का पीक कब खत्म होगा। यह कहना मुश्किल है। सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में सभी लोगों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। चुनाव के बीच संक्रमण की रोकथाम करने की एक बड़ी चुनौती है। कोविड के अनुरूप व्यवहार का पालन करने के साथ भीड़भाड़ में जाने से बचने की जरूरत है।