उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को राज्य में 3200 नए मामले सामने आए हैं। अब तक कुल 7438 मरीजों की मौतें हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 676 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिलाकर 336353 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। वर्तमान में 12349 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। प्रदेश की रिकवरी दर 92.55 प्रतिशत और सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 11.48 प्रतिशत पहुंच गई है।
देहरादून जिले में 1030 संक्रमित मिले हैं। नैनीताल में 494, हरिद्वार में 543, ऊधमसिंह नगर में 429, चंपावत में 46, पौड़ी में 131, अल्मोड़ा में 165, टिहरी में 112, पिथौरागढ़ में 58, बागेश्वर में 38, चमोली में 40, रुद्रप्रयाग में 52, उत्तरकाशी जिले में 62 संक्रमित मिले हैं।
कोविड अस्पताल में संक्रमित वृद्ध की मृत्यु
वहीं पौड़ी जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के कोविड अस्पताल में संक्रमित 70 वर्षीय वृद्ध की मृत्यु हो गई है। वह टिहरी जिले के रहने वाले थे। 13 जनवरी की देर रात उनकी मौत हुई है। मृतक बुजुर्ग को 12 जनवरी की देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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महिला छात्रावास में रह रही चार छात्राएं कोविड पॉजिटिव
वहीं गढ़वाल विवि के श्रीनगर में बीटेक परीक्षा स्थगित करने की मांग के लिए छात्र धरने पर बैठ गए हैं। छात्रों के कहना है कि अभी सिलेबस पूरा नहीं हुआ है। साथ ही महिला छात्रावास में रह रही चार छात्राएं कोविड पॉजिटिव आई हैं। इसलिए उनकी मांग है कि परीक्षा स्थगित की जाए। इस दौरान उनकी परीक्षा नियंत्रक से भी नोक-झोंक हुई। छात्रों का कहना है कि परीक्षा नियंत्रक उनकी समस्या नहीं सुन रहे हैं।
सियासी रैलियों पर 16 के बाद जारी रह सकती है रोक
प्रदेश में कोरोना के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि से सियासी रैलियों और धरनों पर बंदिश जारी रह सकती है। राज्य सरकार और चुनाव आयोग ने प्रदेश में 16 जनवरी तक राजनीतिक रैलियों पर रोक लगा रखी है। इस बीच कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को प्रदेश में एक दिन में 3200 कोरोना संक्रमित मिले। 21 मई 2021 प्रदेश में 3626 कोरोना संक्रमित मिले थे। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने का मतलब साफ है कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग कम से कम चुनाव प्रचार को लेकर कोई ढील नहीं देगा। इस मामले में आयोग का रुख काफी सख्त है। ऐसा हाल ही में उसकी कार्रवाई को देखकर लगा है। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद से विधायकों व राजनेताओं के खिलाफ चुनाव अधिकारियों ने कार्रवाई करने में देर नहीं लगाई।
16 को नई एसओपी
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि 16 जनवरी को शासन नई एसओपी जारी करेगा। इस एसओपी में राजनीतिक रैलियों व धरना प्रदर्शन को लेकर नए दिशा-निर्देश होंगे। राजनीतिक दल आयोग से कुछ राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन जानकारों का मानना है कि संक्रमण के मामलों में वृद्धि जारी रही तो सख्ती बनी रहेगी।