प्रदेश में बीते 24 घंटे में 713 नए कोरोना संक्रमित मिले हैं, जबकि पांच मरीजों ने दम तोड़ा है। 2155 संक्रमित स्वस्थ हुए हैं। 8235 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। कोरोना की तीसरी लहर में कुल संक्रमितों की संख्या 86561 हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक बुधवार को 22944 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। 13 जिलों में 713 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। देहरादून जिले में 227, हरिद्वार में 107, चमोली में 81, नैनीताल में 48, ऊधमसिंह नगर में 43, रुद्रप्रयाग में 48, पौड़ी में 39, पिथौरागढ़ में 23, अल्मोड़ा में 35, टिहरी में 19, बागेश्वर में 16, उत्तरकाशी में 14, चंपावत जिले में 13 संक्रमित मिले हैं।
देहरादून व नैनीताल जिले में पांच मरीजों की मौत हुई है। इसमें एम्स ऋषिकेश, श्री महंत इन्दिरेश हास्पिटल, सिनर्जी हास्पिटल, बीसी जोशी हास्पिटल और बृजलाल हास्पिटल में एक-एक मरीज ने दम तोड़ा है। तीसरी लहर में अब तक 215 कोरोना मरीजों की मौतें हो चुकी हैं। संक्रमितों की तुलना में 2155 मरीज स्वस्थ हुए हैं। इन्हें मिलाकर 75391 मरीजों ने संक्रमण को मात दी है। संक्रमितों से ज्यादा मरीज ठीक होने से सक्रिय मामले घट रहे हैं। वर्तमान में 8235 सक्रिय मरीजों का अस्पतालों व होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है।
दून मेडिकल अस्पताल में आज से शुरू होगी पूरी ओपीडी
कोरोना की तीसरी लहर के चलते राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीमित क्षमता से चल रही ओपीडी सेवाएं बृहस्पतिवार से पूरी तरह शुरू हो जाएंगी। कोरोना संक्रमण के मरीजों की संख्या घटने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने यह निर्णय लिया है।
उल्लेखनीय है कि तीसरी लहर में करीब एक महीने कोरोना संक्रमण का प्रसार तेजी से बढ़ने लगा था। अस्पताल में भर्ती होने वाले कोरोना मरीजों की संख्या भी बढ़ रही थी। कोरोना मरीजों को समुचित उपचार दिए जाने और सामान्य मरीजों में संक्रमण न हो इसके लिए दून अस्पताल विभिन्न एहतियाती कदम उठाए थे। दून अस्पताल को तीसरी लहर में कोविड मरीजों के लिए समर्पित अस्पताल के रूप में तब्दील कर दिया गया था।
फ्लू क्लीनिक भी अलग से शुरू किए गए थे, जबकि अस्पताल की ओपीडी भी सीमित क्षमता से संचालित की गई। जिसमें ओपीडी के लिए पंजीकरण का समय सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक रखा गया था। हर ओपीडी में रोजाना अधिकतम 25-25 मरीजों की ही जांच हो पा रही थी। जिससे मरीजों को या तो दूसरे सरकारी अस्पतालों के भरोसे रहना पड़ रहा था या निजी अस्पतालों से महंगा शुल्क देकर उपचार करा रहे थे। अब ओपीडी सुबह नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक चलेगी। जबकि ओपीडी में पंजीकरण दोपहर 1.30 बजे तक किए जा सकेंगे।