भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने पंजाब और राजस्थान की तर्ज पर उद्योगों में काम करने वाले कर्मचारियों का टीकाकरण करने का प्रस्ताव सरकार को दिया है। सीसीआई का कहना है कि कोरोना कर्फ्यू के दौरान जो लोग घरों से बाहर निकलकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान कर रहे हैं, उन्हें सरकार फ्रंट लाइन वर्कर मानकर टीकाकरण करें। उद्योगों की ओर से सरकारी दरों के हिसाब से प्रति वैक्सीन 400 रुपये देने को तैयार हैं।
सीआईआई उत्तराखंड के अध्यक्ष विपुल डावर ने कहा कि सीसीआई की ओर से सरकार को प्रस्ताव भेज कर आग्रह किया कि उद्योगों के कर्मचारियों को फ्रंट लाइन वर्कर मान कर टीकाकरण किया जाए। पंजाब व राजस्थान में उद्योगों के लिए टीकाकरण में जिस तरह की रणनीति अपनाई गई है। उसे उत्तराखंड में भी अपनाया जाए।
सीआईआई अध्यक्ष ने कहा कि देश व प्रदेश की अर्थव्यवस्था में उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उद्योग भी तभी चलेंगे, जब उनमें काम करने वाले कर्मचारी कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहेंगे। उद्योगों के कर्मचारियों कोरोना लॉकडाउन के दौरान भी घरों से बाहर निकल कर अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रहे हैं। सरकार की ओर से जिन दरों पर वैक्सीन खरीदी जा रही है। उसी दर पर उद्योग प्रति वैक्सीन 400 रुपये देने को तैयार है। कर्मचारियों का टीकाकरण होने से उद्योग सुचारु रूप से चलेंगे।