कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए प्रदेश का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर देहरादून में तैयार हो गया है। इस सेंटर की क्षमता चार हजार बेड की है। इस सेंटर में स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ रोगियों में मानसिक तनाव दूर करने के लिए योग और ध्यान की सुविधा भी है।
प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार ने अब तक 13 जिलों में 297 कोविड केयर सेंटर बनाए हैं। जहां पर सामान्य लक्षणों वाले कोरोना मरीजों का इलाज किया जाएगा। एसडीआरएफ के माध्यम से रायपुर क्रिकेट स्टेडियम में कोविड केयर सेंटर बनाया गया है।
प्रदेश का यह पहला सेंटर है जहां पर एक ही जगह पर चार हजार बेड की क्षमता है। पहले चरण में यहां एक हजार बेड की व्यवस्था की जा रही है, 800 बेड लगाए भी जा चुके हैं। सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बताया कि प्रदेश में अब तक जिला प्रशासन के माध्यम से बनाए गए 297 कोविड केयर सेंटरों में 22 हजार बेड की व्यवस्था की जा चुकी है। इसके अलावा पांच कोविड अस्पताल में 825 बेड और कोविड हेल्थ सेंटर में 1071 बेड की व्यवस्था है।
रुद्रप्रयाग जिले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मेडिकल जांच कर उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया है। यह तीनों लोग बीती 19 जून को मुंबई से लौटे थे।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि परिवार को क्वारंटीन किया गया था। बुखार की शिकायत पर 24 जून को तीनों के सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए बेस अस्पताल, श्रीनगर भेजे गए थे। शनिवार को इनमें कोरोना संक्रमण निकला। अब तीनों को कम से कम दस दिन आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा।
इनके साथ क्वारंटीन 37 अन्य लोगों के सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेजे गए हैं। डॉ. नेगी के अनुसार जिले से अभी तक कुल 1567 सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजे जा चुके हैं, जिनमें 1451 नेगेटिव निकले हैं। अभी 51 की रिपोर्ट का इंतजार है।
जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतरने वाले यात्रियों और आसपास के ग्रामीणों की कोरोना सैंपलिंग के लिए एयरपोर्ट के बाहरी हिस्से में शनिवार को सैंपलिंग सेंटर खोला। स्वास्थ्य विभाग ने सेंटर पर डॉक्टरों और लैब टेक्नीशियन की तैनाती कर दी है। इसके चलते ग्रामीणों को अब देहरादून के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. बीसी रमोला ने विभागीय अधिकारियों के साथ सैंपलिंग सेंटर का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि अभी तक फ्लाइट से आने वाले यात्रियों की सैंपलिंग अंदर की जा रही थी। लेकिन उससे कई तरह की दिक्कतें आ रही थी। यात्रियों को राहत देने और आसपास के ग्रामीणों की सुविधा के लिए एयरपोर्ट के बाहरी हिस्से में सैंपलिंग सेंटर खोला गया।
डॉ. रमोला ने बताया कि इस सेंटर पर वही सैंपल दे सकेंगे जिनमें संक्रमण के लक्षण दिखते हों या फिर क्षेत्र में कोई संक्रमित मरीज सामने आने पर उसके संपर्क में आए लोगों के सैंपल लिए जाएंगे। जांच दून अस्पताल में ही होगी।