इन पुलों के निर्माण से व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों के साथ-साथ सेना,आईटीबीपी, एसएसबी के जवानों को ,कैलाश मानसरोवर यात्रियों, आदि कैलाश, ओम पर्वत, भारत चीन व्यापारियों को आवागमन में राहत मिलेगी।
उद्घाटन के दौरान दौरान 67 आरसीसी के कमान अधिकारी ले. कर्नल गुरतेज सिंह ने पुल बनाने में लगे एईईपी मंडल, एई देवाशीष, जेई दानू प्रसाद सहित सभी मजदूरों को बधाई दी। साथ ही सभी कर्मचारियों ने एक दूसरे को मिष्ठान खिलाकर खुशी जताई। इस पुल से रविवार से सिविल गाड़ियों की आवाजाही भी शुरू हो जाएगी।
मालपा में पुल निर्माण से पूरी तरह जुड़ा तवाघाट-लिपुलेख
मालपा में बेली ब्रिज बनने से ग्रिफ ने तवाघाट-लिपुलेख को पूरी तरह जोड़ दिया है। सड़क पूरी तरह जुड़ जाने से व्यास घाटी के लोग बहुत खुश हैं। पुल के बनने से सीमा पर सेना भी सामान, रसद आदि आसानी पहुंचा सकेगी।
ग्रिफ गुंजी, नाबी, कुटी लिम्पियाधुरा और चीन सीमा में गुंजी, कुटी ज्योलिंगकांग सड़क का कार्य भी युद्ध स्तर से कर रही है। इस सड़क के बनने से आदि कैलाश यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। यहां पर 34 किमी सड़क का 67आरसीसी ग्रिफ तेजी निर्माण कर रही है। इस सड़क के तीन माह में तैयार होने की संभावना है।
ग्रिफ ने नजंग, मालपा, लामारी से बुदि के बीच दुर्गम चट्टानों को दोनों तरफ से काटकर सड़क का निर्माण पूरा किया है। व्यास घाटी के लिए सड़क पूरी तरह लिंक होने जाने पर ग्रिफ के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई।
- जगत सिंह बुदियाल, बुदि प्रधान