प्रदेश में कोरोना जांच लगातार कम हो रही है। सरकार ने प्रतिदिन 40 हजार सैंपल जांच करने का लक्ष्य रखा है। लेकिन वर्तमान में लक्ष्य से करीब 39 फीसदी जांच कम हो रही है। वहीं, बीते सात दिन में 171280 सैंपलों की जांच की गई।
कोरोना संक्रमित मामले लगातार घटने के साथ ही सैंपल जांच कम हुई है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को प्रतिदिन 40 हजार लक्ष्य के अनुसार सैंपल जांच करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद भी प्रदेश में सैंपल टेस्टिंग नहीं बढ़ पाई है। प्रदेश में 13 से 19 जून तक कुल 171280 सैंपलों की जांच की गई, जिसमें से 1892 संक्रमित मामले सामने आए हैं। 27 मार्च 2021 के बाद बीते सप्ताह में संक्रमितों की संख्या सबसे कम रही।
सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि प्रदेश में संक्रमित मामले लगातार घटने के साथ ही सैंपल जांच कम हुई है। संक्रमण की रोकथाम के लिए टेस्टिंग बढ़ाने की जरूरत है। सरकार ने प्रतिदिन 40 हजार सैंपल जांच का लक्ष्य रखा है, लेकिन लक्ष्य के अनुसार 39 प्रतिशत कम सैंपल जांच हो रही है।
बीते चार दिन हुई जांच
दिन सैंपल जांच
16 जून 24518
17 जून 28935
18 जून 27094
19 जून 25251
इमलीखेडा में मेहवड़ खुर्द सहकारी समिति के चेयरमैन के नेतृत्व में उनके आवास पर सेवा ही संगठन के तहत आयोजित कार्यक्रम में लोगों को आयुष किट का वितरण किया गया। इस दौरान लोगों से कोरोना से सतर्क रहने और वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित किया।
रविवार को सहकारी समिति के चेयरमैन अनिल पाल के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने लोगों को आयुष किट वितरित की। साथ ही उन्हें कोविड से बचाव और टीकाकरण के लिए जागरूक किया।
कहा कि कोरोना काल में भाजपा सरकार समर्पित भाव से जनता की सेवा कर रही है। हरिद्वार कोविड सेंटर में कोरोना कर्फ्यू के दौरान हजारों लोगों के फोन आए और उनका समाधान शीघ्र किया गया।
स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि हरिद्वार में अधिकांश किसान गन्ने की फसल उगाते हैं, जिसमें किसानों का भुगतान रुका था, वह करा दिया गया है। जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह चौहान ने कहा कि 2022 के चुनाव में जिस प्रत्याशी को भाजपा टिकट देगी, उसे कलियर विधानसभा क्षेत्र से जिताएंगे। अबकी बार भी राज्य में भाजपा की बहुमत की सरकार बनेगी।
कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में अब टीकाकरण रफ्तार पकड़ेगा। आज सोमवार से प्रदेश में प्रतिदिन 1.10 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। राज्य के पास चार लाख से अधिक वैक्सीन की डोज उपलब्ध हैं।
प्रदेश में 16 जनवरी से कोविड टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। अब तक 34.78 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। 45 से अधिक आयु वर्ग में 65 प्रतिशत से ज्यादा टीकाकरण हो चुका है। 21 जून से केंद्र की ओर से राज्यों को पर्याप्त मात्रा में टीके उपलब्ध कराए जाएंगे।
जिससे सरकार ने भी प्रतिदिन के हिसाब से टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रदेश में पूरी क्षमता के साथ टीकाकरण बूथों पर वैक्सीन लगाने का कार्य किया जाएगा। इसके लिए अतिरिक्त बूथ भी बनाए जाएंगे।
चार मैदानी जिले देहरादून, नैनीताल, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिले को प्रतिदिन 15-15 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया गया है। जबकि छह पर्वतीय जिलों को पांच-पांच हजार और चारधाम वाले चमोली, रुद्रप्रयाग व उत्तरकाशी जिले में प्रतिदिन सात-सात हजार लोगों को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ.सरोज नैथानी का कहना है कि प्रदेश में अब कोविड वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। 21 जून से प्रदेश में प्रतिदिन 1.10 लाख टीके लगवाने का लक्ष्य रखा गया है। अब प्रदेश को वैक्सीन की पूरी आपूर्ति केंद्र की ओर से की जाएगी। टीकाकरण जितनी तेजी से होगा, उतनी ही वैक्सीन केंद्र से मिलेगी। पूरी क्षमता के साथ प्रदेश में टीकाकरण का कार्य किया जाएगा।
प्रदेश में अब तक टीकाकरण
श्रेणी पहली डोज दूसरी डोज
45 से अधिक 1856034 521922
18 से 44 659838 29239
स्वास्थ्य कर्मी 118613 90402
फ्रंट लाइन वर्कर 183720 92228
नौकरी, पढ़ाई या दूसरे किसी कार्य से विदेश जाने वाले लोगों को दून में भी प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का टीका लगेगा। ऐसे लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन लगाई जाएगी। उन्हें इसकी दूसरी खुराक भी 28 दिन बाद कभी भी लग सकेगी।
कोविशील्ड का टीका कम संख्या में होने के कारण लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। कोविन पोर्टल पर साइट खुलते ही कुछ मिनट के भीतर स्लॉट फुल हो जा रहे हैं। ऐसे में विदेश जाने वाले नागरिकों को भी दिक्कत हो रही थी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अब इसका समाधान कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि विदेश जाने वालों को अपने नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर चिकित्सा प्रभारी से मिलना होगा। शैक्षिक या संबंधित व्यावसायिक संस्थान का एमओयू, पासपोर्ट, वीजा, परिचय आदि जरूरी दस्तावेज लाने होंगे।
निर्धारित प्रमाणपत्र को चिकित्सा प्रभारी से सत्यापित कर टीकाकरण केंद्र में जाकर नियमानुसार टीका लगाया जा सकेगा। कोविशील्ड टीके की दूसरी खुुुराक भी उन्हें 28 दिन या इसके बाद किसी भी दिन लग सकेगी। इसके लिए कोविन एप पर पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।
जिले में आज लगेंगे 15 हजार टीके
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एसके पांडेय ने बताया कि सोमवार से जिले में टीकाकरण की रफ्तार को और तेज गति से चलाया जाएगा। सोमवार को जिले में कोरोना के 15 हजार टीके लगाए जाएंगे। 18 से 44 साल उम्र तक की आयु वर्ग के अधिक से अधिक नागरिकों को कोरोना टीके की खुराक लगाने पर जोर दिया जाएगा। बताया कि इसके लिए पूरे देहरादून जिले में लगभग 80 टीकाकरण केंद्र बनाए जा रहे हैं। रविवार देर रात तक इसके लिए साइट खोलने में स्वास्थ्य विभाग और पोर्टल से जुड़ा तकनीकी स्टाफ जुटा हुआ था। डॉ. पांडेय ने बताया कि जैसे-जैसे टीके मिलते रहेंगे शहर से लेकर दूरस्थ क्षेत्रों तक टीकाकरण के कार्य में और अधिक तेजी लाई जाती रहेगी।