चमोली जिले में बारिश फिलहाल थमी है। नदी घाटियों में कोहरा छाया है। बदरीनाथ हाईवे क्षेत्रपाल और जोशीमठ से आगे अवरुद्ध है। कंचनगंगा में हाईवे करीब 200 मीटर तक क्षतिग्रस्त है, जिले की करीब 60 सड़कें अभी भी जगह-जगह मलबा आने से बंद हैं। बदरीनाथ धाम में संचार सेवा भी 2 दिनों से ठप है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग कौडियाला के समीप खुल गया है और तोता घाटी के बीच बाधित है।
यमुनोत्री हाईवे खरादी के पास भूस्खलन के कारण मलबा, बोल्डर आने से शनिवार रात से बंद था, जिसे रविवार दोपहर तीन बजे खोल दिया गया। यहां तीन कॉटेज क्षतिग्रस्त होने के साथ ही पांच मंजिल होटल को नुकसान पहुंचा है। पुरोला व मोरी ब्लॉक में लगातार हो रही भारी बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त है। मोरी में टौंस नदी उफान पर है। रूपीन, सूपीन नदी के जल स्तर में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
टिहरी जिले में रात भर से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। जिले के 10 ग्रामीण सड़क मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हुए हैं। ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पर सामान्य रूप से वाहनों का आवागमन हो रहा है।
कुमाऊं में दो लोगों की मौत
लोहाघाट-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से कैंटर चालक की मौत हो गई है। इस घटना एक अन्य व्यक्ति मामूली रूप से चोटिल हो गया। वहीं गंगोलीहाट के ग्राम सुगड़ी- पाली के बीच निर्माणाधीन सड़क मार्ग में पुलिया निर्माण का कार्य कर रहे दफेदार पुत्र स्व. सोहन सिंह निवासी अखा, थाना बिशारदगंज, जिला बरेली की पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से मौत हो गई है।