रुद्रप्रयाग जिला चिकित्सालय की पैथोलॉजी लैब में 5 व ब्लड बैंक में 2 लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। इसी तरह सीएचसी अगस्त्यमुनि व जखोली में दो-दो टेक्नीशियन हैं। सीएमओ डा. बीके शुक्ला के अनुसार कोरोना जांच के लिए दस लैब टेक्नीशियन हैं, जबकि सैंपल एकत्रित करने के लिए 50 से अधिक कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है।
उत्तरकाशी : 29 पदों के सापेक्ष 15 पर तैनाती
जनपद में लैब टेकनीशियन के 29 पद स्वीकृत हैं। इसके सापेक्ष 15 पदों पर तैनाती है। शेष 14 पदों पर भर्ती के लिए स्वास्थ्य विभाग को स्वीकृति मिली हुई है, लेकिन आचार संहिता के चलते भर्ती नहीं हो पा रही है। सीएमओ डा. केएस चौहान ने बताया कि टेक्नीशियन के रिक्त पदों पर आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्तियां की जानी है।
पौड़ी: 30 टीमें कर रहीं हैं सैंपलिंग
जिले में वर्तमान में 17 लैब टेक्नीशियन सेवारत हैं। सीएमओ पौड़ी डा. प्रवीण कुमार ने बताया कि 1400 से अधिक सैंपल (आरटीपीसीआर) एक दिन में लिए जाने के बाद एक निजी लैब से भी जांच का अनुबंध किया गया है। जनपद में 30 टीमें कोविड सैंपलिंग कर रही हैं। इनमें 15 टीमें ब्लाक स्तर और 10 टीमें जिले की सीमाओं पर मुस्तैद हैं।
टिहरी : दून और श्रीनगर में करानी पड़ रही जांच
सीएमओ डा. संजय जैन ने बताया कि जिले में आरटीपीसीआर जांच लैब नहीं है, जिससे सैंपल एकत्रित कर जांच के लिए श्रीनगर मेडिकल कालेज, दून मेडिकल कालेज और आईआईपी देहरादून भेजे जा रहे हैं। वहां से 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट मिल रही है। जिले में लैब टेक्नीशियन के 30 पद स्वीकृत हैं, उनमें से 22 कार्यरत हैं।
चमोली: श्रीनगर और ऋषिकेश से आ रही रिपोर्ट
जनपद में कहीं भी आरटीपीसीआर लैब नहीं है। इसकी जांचें श्रीनगर व ऋषिकेश में से करवाई जा रही हैं। जिला अस्पताल गोपेश्वर के अलावा उपजिला अस्पताल कर्णप्रयाग, सीएचसी जोशीमठ और गैरसैंण में एंटीजन और ट्रूनेट जांच की जा रही हैं। सीएमओ डा. एसपी कुड़ियाल ने बताया कि प्रतिदिन पांच से छह सौ जांचें की जा रही हैं।
ऊधमसिंह नगर: रुद्रपुर में प्रतिदिन हो रही 600 जांचें
ऊधम सिंह नगर जिले में वर्तमान में मेडिकल कॉलेज स्थित इकलौती आरटीपीसीआर की लैब में रोजाना करीब 600 सैंपलों की जांच हो रही है। साथ ही दिल्ली, गुरुग्राम के लिए सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, जबकि जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए देहरादून मेडिकल कॉलेज और ऋषिकेश एम्स में सैंपल भेजे जा रहे हैं।
अल्मोड़ा: एक हजार रिपोर्ट वर्तमान में लंबित
जिले में रोजाना एक हजार से अधिक जांचें हो रहीं हैं। करीब एक हजार जांच रिपोर्ट लंबित हैं। जिले में लैब तकनीशियन के 29 पद स्वीकृत हैं जिसमें से 14 पद रिक्त हैं। 15 तकनीशियन काम कर रहे हैं। मेडिकल कॉलेज बेस अस्पताल में तकनीशियनों के पांच पद रिक्त हैं जबकि पांच तकनीशियन कार्यरत हैं।
चंपावत : तीन दिन में मिल रही जांच रिपोर्ट
जिले में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए अस्थायी रूप से कर्मी रखे गए हैं। चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट, टनकपुर, बनबसा के अस्पतालों के अलावा नेपाल से लगी सीमा पर जांचें की जा रहीं हैं। रोजाना आरटीपीसीआर की 500 जांचें हो रहीं हैं। हल्द्वानी और हरिद्वार से ये जांच रिपोर्ट तीन दिन में मिल रहीं हैं।
पिथौरागढ़: धूल फांक रही है आरटीपीसीआर मशीन
कोरोना की पहली लहर में आई आरटीपीसीआर मशीन निर्माणाधीन बेस अस्पताल में धूल फांक रही है। अभी तक माइक्रोबायोलॉजिस्ट की नियुक्ति भी नहीं हो पाई है। इसकी कवायद जारी है। जांच के लिए सैंपल 220 किमी दूर हल्द्वानी भेजे जा रहे हैं। इस कारण जांच रिपोर्ट आने में काफी देरी हो रही है।
नैनीताल: आईवीआरआई मुक्तेश्वर में मशीन खराब
आरटीपीसीआर जांच के लिए जिले में सुशीला तिवारी लैब मौजूद हैं। यहां पर्याप्त स्टाफ है। रोजाना तीन से चार हजार जांचें हो रहीं हैं। आईवीआरआई मुक्तेश्वर में भी रोजाना 300 जांचें हो रही थी लेकिन पिछले कई महीनों से यहां की आरटीपीसीआर जांच मशीन खराब है, इसके चलते जांच नहीं हो पा रही है।
बागेश्वर: तीसरे दिन मिल पा रही है जांच रिपोर्ट
जिले में कोविड जांच आरटीपीसीआर के साथ ही ट्रूनेट विधि से हो रही है। ट्रूनेट की जांच रिपोर्ट उसी दिन मिल जाती है, जबकि आरटीपीसीआर की रिपोर्ट हल्द्वानी से तीसरे दिन मिलती है। वर्तमान में करीब सात सौ सैंपल की रिपोर्ट आनी है। बागेश्वर जिला अस्पताल में कोविड जांच के लिए आठ लैब टेकभनीशियन तैनात हैं।