मैंने अमित शाह से वादा किया था कि मैं ताउम्र उनसे दोस्ती निभाऊंगा। मैं अपना वादा निभा रहा था लेकिन सोशल मीडिया में चली फर्जी खबरों के आधार पर भाजपा ने मुझे निकाल दिया। अब मैं भाजपा में नहीं जाऊंगा। हां, कांग्रेस की पूर्ण बहुमत से जीत को लेकर जरूर जीतोड़ मेहनत करूंगा। भाजपा से छह साल के लिए निष्कासित होने के बाद हरक सिंह रावत के इस तरह के बयान सोमवार को दिनभर सोशल मीडिया में छाए रहे। वह कैमरे के सामने भावुक भी हुए और आंसू पोंछते हुए बोले कि अब मेरे मन का बोझ हल्का हो गया।
जो हुआ अच्छे के लिए ही हुआ
हरक ने कहा कि रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने उन्हें बताया कि केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने दिल्ली मिलने बुलाया है। हम रविवार की शाम देहरादून से दिल्ली के लिए रवाना हुए। मैं ग्रीन पार्क स्थित अपने आवास पहुंचा। इस बीच सोशल मीडिया में खबर आई कि मुझे पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। मैं आहत था। लेकिन अब खुश हूं कि जो हुआ अच्छे के लिए ही हुआ।
मुन्ना चौहान व उनकी पत्नी, यशपाल आर्य व बेटे को टिकट दिया था
पुत्रवधू अनुकृति गुसाईं के लिए टिकट की मांग के सवाल पर हरक ने सोशल मीडिया में ही अपने जवाब दिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह नीति समझ से बाहर है। पिछले चुनाव में भाजपा ने मुन्ना सिंह चौहान और उनकी पत्नी को टिकट दिया। यशपाल आर्य और उनके बेटे को टिकट दिया था। इस बार ऐसा क्या हो गया कि मेरे अलावा मेरी पुत्रवधू को टिकट नहीं दिया जा सकता।
मुझे पांच साल काम नहीं करने दिया गया
हरक का यह बयान भी वायरल रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि निष्कासित होने के बाद मुझे अच्छा लगा। मैं खुश हूं। मुझे पांच साल पार्टी में काम नहीं करने दिया गया। इसके बाद भी मैं पांच साल तक कड़वा घूंट पीकर पार्टी में रहा। मैं जब भाजपा में शामिल हुआ था तो मैंने सोचा था कि कुछ भी हो लेकिन मैं भाजपा में ही रहूंगा। लेकिन अब मैं सुकून महसूस कर रहा हूं, मुझे काम नहीं करने दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि अमित शाह, पीएम मोदी, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने हमेशा सम्मान दिया है। इसी वजह से कड़वा घूंट पीकर भी मैं भाजपा में बना रहा।
मैं छह माह से कह रहा हूं, रुझान भाजपा के पक्ष में नहीं
निष्कासित होने के बाद अब हरक के सुर भी बदल गए हैं। उन्होंने मीडियाकर्मियों से बातचीत में यह भी कहा कि मैं छह माह से यह तथ्य केंद्रीय नेताओं के सामने रख रहा हूं कि रुझान अब भाजपा के पक्ष में नहीं है। लोग, कर्मचारी पार्टी से नाराज हैं। एक-एक सीट का विश्लेषण कर लो, इस बार रुझान कांग्रेस का है। उन्होंने कहा कि मैं कई सरकारों में मंत्री रहा हूं लेकिन मेरा बतौर मंत्री यह कार्यकाल सबसे निराशाजनक रहा।
उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार लाना मेरा मकसद
हरक कह रहे हैं कि उनका मकसद अब उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार लाना है। कांग्रेस किसे मुख्यमंत्री बनाएगी, यह उनका आलाकमान और विधायक तय करेंगे। मैं चाहता हूं कि उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार बने। यह मेरा लक्ष्य होगा। इसके लिए मुझे कुर्बानी देनी होगी, मैं दूंगा। मैं काम करना चाहता हूं, करूंगा।