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कोरोना की बढ़ती रफ्तार : देहरादून के किसी भी अस्पताल में खाली नहीं आईसीयू बेड

Sat, 17 Apr 2021 03:40 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दून अस्पताल के आईसीयू बेड्स फुल हो गए हैं। सामान्य बेड्स के लिए भी ऐसे ही हालात हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : आईसीयू
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विस्तार
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कोरोना की बढ़ती रफ्तार के साथ ही अस्पतालों में संकट है। लोगों को अस्पताल में इलाज कराने से लेकर श्मशान घाट में अंतिम संस्कार कराने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों के लिए बेड, वेंटिलेटर, आईसीयू के लिए जूझना पड़ रहा है।

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जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल दून अस्पताल के आईसीयू बेड्स फुल हो गए हैं। सामान्य बेड्स के लिए भी ऐसे ही हालात हैं। पटेलनगर स्थित इंद्रेश अस्पताल, आरोग्यधाम अस्पताल, कैलाश अस्पताल, मैक्स अस्पताल में बेड्स फुल हैं। उधर, लंबे समय से उपनल कर्मचारियों के हड़ताल से भी अस्पतालों की समस्या दोगुनी हो गई है।
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कैलाश अस्पताल के निदेशक पवन शर्मा ने बताया कि 90 से अधिक पॉजिटिव अस्पताल में भर्ती हैं। इसके अलावा करीब 50 मरीज ऐसे हैं, जिनमें कोरोना के संदिग्ध लक्षण हैं। सभी आईसीयू और वेंटिलेटर फुल हो चुके हैं। 

दून अस्पताल के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि दून अस्पताल में अभी छह आईसीयू, 20 जनरल बेड खाली हैं। शनिवार शाम से अस्पताल में 50 बेड बढ़ा दिए जाएंगे। अस्पताल में पहले से कई नॉन कोविड मरीज भर्ती हैं। उन्हें एकदम से नहीं हटाया जा सकता था।

श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र रतूड़ी ने कहा कि अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए आरक्षित सभी 33 आईसीयू बेड फुल हैं। सामान्य मरीजों वाले करीब 120 बेड फुल हैं। बीते कुछ दिनों से मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अभी अस्पताल में सिर्फ 53 बेड ही खाली हैं।

मैक्स अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राहुल प्रसाद ने कहा कि हमारे पास समुचित मात्रा में बेड, वेंटिलेटर व आईसीयू उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ दिनों से मरीजों की तादाद ज्यादा होने से सभी बेड लगभग फुल हो गए हैं। अस्पताल में 106 कोरोना संक्रमित और 80 के लगभग सामान्य मरीज भर्ती हैं।

कोविड वार्ड में हो रहा सामान्य मरीजों का इलाज

दून अस्पताल के तीन कोविड वार्ड में सामान्य मरीजों का इलाज चल रहा है। इससे संक्रमित मरीजों को अस्पताल में इलाज कराने में समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

उधर एकदम से कोरोना के मामलों में तेजी आने से कोविड वार्ड की डिमांड बढ़ रही है। ऐसे में सामान्य रोगों के मरीजों को अन्य अस्पताल में शिफ्ट करने पर ध्यान देने की जरूरत है। दून कोविड अस्पताल में 350 बेड की व्यवस्था है।

ओपीडी के बाहर लंबी लाइन

दून अस्पताल के फ्लू ओपीडी के बाहर शुक्रवार को लोगों की लंबी लाइन देखने को मिली। ओपीडी के बाहर लोगों की लाइन लगने से सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन नहीं हो रहा था। 

नर्सिंग कॉलेज की 12 छात्राओं को भेजा घर

चंदरनगर स्थित स्टेट नर्सिंग कॉलेज की 12 छात्राओं को शुक्रवार को उनके घर भेज दिया गया। सीएमओ कार्यालय से अनुमति के बाद उन्हें घर भेजने का फैसला लिया गया। वहीं, 11 संक्रमित छात्राएं अभी हॉस्टल में हैं। इसके लिए कॉलेज परिसर में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। 16 छात्राओं की जांच रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है। एहतियातन इन सभी छात्राओं को आइसोलेट किया गया है।

रायपुर स्टेडियम में बढ़ेंगे 500 बेड, पेड केयर सेंटर भी बनेंगे

कोरोना के मामलों में लगातार होती हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए जिलाधिकारी ने रायपुर स्टेडियम में 500 बेड बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सभी कोविड अस्पतालों को भी बेड बढ़ाने को कहा है। साथ ही कुंभ ड्यूटी से लौटने वाले सभी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों, पीआरडी व होमगार्ड की कोरोना जांच की बात कही है।

जिलाधिकारी कार्यालय स्थित ऋषिपर्णा सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बैठक ली। डीएम ने संक्रमण रोकथाम के लिए कोविड केयर सेंटर, पेड कोविड केयर सेंटर बनाने की बात कही।

साथ ही सभी सेंटरों में आवश्यक उपकरणों, दवाओं, सुविधाओं, केंद्र सरकार आईसीएमआर और राज्य सरकार की गाइड लाइन का पालन कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा आशारोड़ी, कुल्हाल और रायवाला में प्रदेश के बाहर से आने वाले यात्रियों की रैंडम सैंपलिंग और ट्रैवल हिस्ट्री जानकर डाटा एंट्री के भी निर्देश दिए।

एम्स ऋषिकेश के डॉ. मधुर उनियाल और डॉ. शेखर ने बताया कि एम्स में कोविड मरीजों के उपचार की जानकारी साझा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में एसएसपी डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, सीडीओ नितिका खंडेलवाल, एसपी क्राइम प्रकाश चंद्र, एडीएम प्रोटोकॉल गिरीश गुणवंत, नोडल अधिकारी डॉ. राजीव दीक्षित, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी दिनेश चौहान, एसडीएम सदर गोपाल राम बिनवाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपशिखा रावत आदि मौजूद रहे।
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निजी अस्पताल ने सौंप दिया दूसरे का शव

राजधानी दून के एक बड़े निजी अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से गलत शव देने का मामला सामने आया है। मामला शहर के एक निजी अस्पताल का है। अस्पताल प्रशासन की ओर से दिए गए गलत शव का अंतिम संस्कार के समय पता चला। शव के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

शास्त्रीनगर निवासी अविरल ने बताया कि बीते कुछ दिनों पहले उनके पिता और माता को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। कुछ दिन बाद माता की तबीयत ठीक होने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन पिता की हालत नाजुक बताते हुए उन्हें छुट्टी नहीं दी गई।

बीते बृहस्पतिवार को अस्पताल प्रशासन की ओर से सूचना मिली कि पिताजी का निधन हो गया है। अस्पताल से शव को लाने के बाद अंतिम संस्कार के दौरान पता चला कि शव किसी और व्यक्ति का था।

एंबुलेंस न मिलने पर हंगामा

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थिति बेकाबू होती जा रही है। मरीजों का पंजीकरण, सैंपल जांच, भर्ती करने से लेकर मृतकों की सूचना देने और एंबुलेंस की व्यवस्था करने तक में कर्मचारियों और संसाधनों की भारी कमी सामने आ रही है।

शुक्रवार को भी दो मृतकों के परिजनों ने समय पर उनके मरीज के मौत की सूचना न देने और एंबुलेंस की समय पर व्यवस्था न होने पर अस्पताल में हंगामा किया। परिजनों ने आरोप था कि घंटों इंतजार करने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई। संवाद
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