हरिद्वार में प्रतिदिन बाहरी जिलों एवं राज्यों से एक लाख से अधिक लोगों का आवागमन होता है। इनमें अस्थि विसर्जन, स्नान से लेकर कर्मकांड वाले शामिल हैं। वीकेंड पर भीड़ टूट पड़ती है। हरकी पैड़ी एवं आसपास के घाटों पर भले ही अब रोकटोक नहीं है, लेकिन वाहनों का खड़ा करने के लिए पार्किंग की जगह नहीं मिलती है।
हरकी पैड़ी पर डुबकी लगाने के बाद अधिकतर लोग बाजारों में निकल आते हैं। अधिकतर लोग मास्क पहनना भूल गए हैं। इनमें दुकानदारों से लेकर स्थानीय और बाहरी श्रद्धालु सभी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग भी अनदेखी कर रहा है। प्रतिदिन औसतन दो से ढाई हजार लोगों की ही सैंपलिंग हो रही है।
अस्पतालों में कोविड सैंपल के लिए लोगों से मना किया जा रहा है। जुलाई में औसतन रोजाना की सैंपलिंग करीब पांच हजार थी, जबकि मई-जून में यह आंकड़ा काफी अधिक था। हर तरफ लापरवाही संभावित तीसरी लहर को बुलावा दे रही है।
मौसमी बदलाव से आजकल वायरल फीवर का सीजन है। निजी और सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में वायरल पीड़ितों की भीड़ लग रही है। वायरल और कोविड के अधिकतर लक्षण एक जैसे ही हैं। ऐसे में अस्पताल से लेकर घरों में लापरवाही हो रही है। वायरल फीवर की दवा लेकर लोग खुद का इलाज कर रहे हैं। बुखार कम नहीं होने पर कोविड की जांच करवा रहे हैं।
एक सप्ताह में कोविड सैंपलिंग और मरीज
तारीख - सैंपलिंग - मरीज
25 अगस्त - 2974 - 02
26 अगस्त - 2793 - 01
27 अगस्त - 2795 - 01
28 अगस्त - 3010 - 02
29 अगस्त - 2607 - 01
30 अगस्त - 1965 - 03
31 अगस्त - 2643 - 00
1 सितंबर- 2937 - 03
त्योहारी सीजन के चलते सैंपलिंग कम हुई है। पॉजिटिव मरीज कम आ रहे हैं। इसके चलते ट्रैकिंग और ट्रेसिंग भी कम है, लेकिन आगामी दिनों में सैंपलिंग बढ़ाई जाएगी। सैंपलिंग के लिए लोग विरोध करते हैं। लिहाजा पुलिस की मदद से सैंपलिंग कराई जाएगी।
- डॉ. एसके झा, सीएमओ