सीएचसी चकराता में पिछले एक माह से 45 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन की पहली डोज नहीं लग पा रही है। वैक्सीनेशन को लेकर ऐसे लोग रोज अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन डोज उपलब्ध न होने के कारण उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उन्हें स्लॉट न खुलने की बात कहकर लौटा रह हैं।
स्थानीय निवासी विजय कुमार, चंदन सिह, मेघ सिह, राम सिंह, बलवीर सिंह, पंकज आदि का कहना है कि पिछले दिनों इस आयु वर्ग के कुछ लोग कोविड पॉजिटिव हो गए थे या कुछ बीमार थे। कुछ लोग अन्य कारणों से वैक्सीन नही लगवा पाए थे।
जिसके चलते वह अब वैक्सीन की पहली डोज लेने के लिए रोजाना अस्पताल आ रहे हैं, लेकिन अस्पताल में उपस्थित कर्मी उन्हें यह कह वापस लौटा रहे हैं कि 45 प्लस की पहली डोज के लिए वैक्सीन का स्लॉट नही खुल रहा है। जिसके कारण वह परेशान हैं। उन्होंने जल्द ही इस समस्या के समाधान की मांग की है।
मामला संज्ञान में नहीं है। जल्द ही इस ओर कार्यवाही कर वैक्सीनेशन शुरू कराया जाएगा।
-डॉ. दिनेश चौहान, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी
कोरोना की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन गैस की किल्लत नहीं होगी। कारण कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले के सभी उप जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं। पहले चरण में कोरोनेशन व मसूरी जैसे अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट संचालित कर दिया गया है। जबकि, ऋषिकेश, प्रेमनगर, विकासनगर, रायपुर समेत अन्य स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम जारी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज उप्रेती ने बताया कि कोरोना की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन गैस की किल्लत न हो, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी से सारे इंतजाम किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल के अलावा उप जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 10 नए ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं।
इन सभी ऑक्सीजन गैस प्लांट की क्षमता इतनी है कि अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों को 24 घंटे ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा सकती है। बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर में उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में ऑक्सीजन की भारी किल्लत खड़ी हो गई थी। इसके चलते अस्पताल में भर्ती हजारों मरीजों को जान गंवानी पड़ी थी।