उत्तराखंड में विभिन्न विभागों में सालों से संविदा पर काम कर रहे करीब आठ हजार कर्मचारियों की नौकरी अब पक्की होगी। सभी संबंधित विभागों से परामर्श लेने के बाद अब कार्मिक विभाग ने शासनादेश जारी करने का कार्य लगभग पूरा कर लिया है।
शनिवार को इस बाबत जीओ जारी होने की संभावना है। इस प्रक्रिया का फायदा 2008 से पहले कार्यरत संविदा कर्मियों को मिलेगा।
पिछले दिनों कैबिनेट की बैठक में संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की नियमावली को संशोधित करते हुए समय की पात्रता 10 वर्ष के बजाय पांच वर्ष कर दी थी। यह फैसला हालांकि पिछले वर्ष ले लिया गया था, लेकिन नियमावली में संशोधन आदि प्रक्रियाओं में इतना समय लगा।
आठ हजार कर्मी दायरे में
प्रदेश में संविदा कर्मियों की संख्या वैसे तो काफी है, लेकिन फिलहाल आठ हजार कर्मी सरकारी नौकरी की परिधि में आ रहे हैं। यह भी तय है कि ये कर्मी सभी पात्रता पूरी करते हों। जिस विभाग में वह काम कर रहे हैं, वहां पर पद पहले से ही सृजित हों। क्योंकि नए सिरे से पदों का सृजन नहीं होगा।
हालांकि अभी शासनादेश में यह स्पष्ट होना बाकी है कि नियमित होने वालों में आउट सोर्सिंग वाले कर्मी शामिल होंगे या नहीं। क्योंकि यह विवाद का बिंदु है।
..लेकिन न्याय विभाग ने नहीं भरी हामी
वैसे तो कार्मिक विभाग से शनिवार को संविदा कर्मियों को नियमित करने का शासनादेश जारी हो जाएगा। लेकिन न्याय विभाग ने इस फाइल पर विपरीत राय दी। मामले में कार्मिक विभाग की राय भी विपरीत है, लेकिन जीओ भी कल कार्मिक विभाग ही जारी करेगा।