एक बार फिर मुख्यमंत्री ने बजट का ताला खोलने का रोना प्रधानमंत्री के सामने रोया है, मगर इस बार अंदाज थोड़ा अलग मालूम पड़ रहा है। नरेंद्र मोदी को भेजी गई ताजा चिठ्ठी में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पहले तो राज्य के खराब हालातों का जिक्र किया है, उसके बाद कोर्ट जाने या फिर विधानसभा में दोबारा बजट पास कराने की बात कही है। इन दो विकल्पों के अपनाने की स्थिति में जो असर आएगा, उसका भी जिक्र मुख्यमंत्री ने बड़े सधे शब्दों के साथ किया है।
पत्र में मुख्यमंत्री ने सियासी संकट का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय लोकतंत्र में अनेक मौके ऐसे आए जब राजनीति और शासन की दिशाएं आरोप-प्रत्यारोप के भंवर में फंसी हैं। यह हमारा सौभाग्य है जब भारत का लोकतंत्र ऐसे संक्रमण काल में और अधिक मजबूत होकर समम्मानित हुआ है।
जनसंख्या के आधार पर देश के सौवें हिस्से से भी छोटा है। विधानसभा में बीती 18 मार्च को 40422.20 करोड़ का आय-व्यय तथा विनियोग विधेयक पारित हुआ, जिसे राज्यपाल ने राष्ट्रपति को भेज दिया था। इस बीच 28 मई को राष्ट्रपति का अनुमोदन प्राप्त होने के क्रम में उत्तराखंड विनियोग (लेखानुदान) अधिनियम 2016 पारित किया गया।