मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की निगरानी और अनुश्रवण के लिए सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को केदारनाथ धाम और वन मंत्री सुबोध उनियाल को बदरीनाथ धाम की जिम्मेदारी दी गई है।
चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की भारी संख्या के बाद सभी धामों में उपलब्ध व्यवस्थाओं पर भारी दबाव है। मौसम और कठिन परिस्थितियों के चलते बुजुर्ग और पहले से बीमार कई तीर्थयात्रियों की मौत भी हो चुकी है। यात्रा पर निगाह बनाए हुए प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी राज्य सरकार से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है।
मुख्यमंत्री ने पहले चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए धामों पर प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या को बढ़ा दिया गया है।
बुधवार को मुख्यमंत्री ने सचिवालय में अधिकारियों को चारधाम यात्रा में व्यवस्थाओं को और मजबूत किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूत किया जाए। शौचालयों में स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा सुगम और सुरक्षित हो।
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु किन-किन बातों का ध्यान रखें, इस बारे में पर्यटन और स्वास्थ्य विभाग विस्तृत गाईड लाईन जारी करें। और इसका व्यापक प्रचार प्रसार करें। उत्तराखंड में आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहां से अच्छा संदेश लेकर जाएं, यह हम सभी का दायित्व है। चारधाम यात्रा के साथ ही अन्य पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा की जाए।