केदारनाथ यात्रा के पहले सप्ताह में ही श्रद्धालुओं का आंकड़ा एक लाख के पार पहुंच गया है। आपदा के बाद बीते आठ वर्षों में पहले सप्ताह में यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। बुधवार को भी बाबा के दर्शनों के लिए सोनप्रयाग से 25 हजार से अधिक श्रद्धालु भेजे गए।
प्रदेश के प्रसिद्ध चारों धामों में पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों का आंकड़ा पौने तीन लाख पार हो गया है। यात्रियों में चारधाम के दर्शन के लिए खासा उत्साह है।
बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ.हरीश गौड़ ने बताया कि 3 से 11 मई तक चारों धामों में 2.88 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। इसमें बदरीनाथ धाम में बुधवार शाम तक 63337 तीर्थयात्री और केदारनाथ धाम में 111538 तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं। जबकि गंगोत्री धाम में 60630 और यमुनोत्री धाम में 52959 तीर्थ यात्री ने दर्शन किए हैं।
उन्होंने बताया कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय बदरीनाथ व केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने यात्रियों से पंजीकरण, स्थानीय यात्रा मार्ग के मंदिरों में दर्शन किए जाने समेत आवासीय व्यवस्थाओं की सुनिश्चितता, स्वास्थ्य सुविधाओं के उपयोग के लिए तीर्थ यात्रियों से अपील की है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने चारधाम यात्रा के लिए एडवाइजरी जारी की है। जिसमें यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य को लेकर एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक चारधाम यात्रा के सभी तीर्थ स्थल उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित हैं। इनकी ऊंचाई समुद्र तल से 2700 मीटर से भी अधिक है। इन स्थानों पर तीर्थयात्री अत्यधिक ठंड, कम आद्रता, अत्यधिक अल्ट्रा वॉयलेट रेडिएशन, हवा का कम दबाव और कम ऑक्सीजन की मात्रा से प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में तीर्थयात्रियों को स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
इन बातों पर रखें ध्यान
बदरीनाथ धाम में एक महिला तीर्थयात्री की हृदयगति रुकने से मौत हो गई। जबकि पुलिस ने कंचन गंगा के समीप बदरीनाथ हाईवे किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार देर रात बदरीनाथ में महिला तीर्थयात्री रामप्यारी (79), पिपरोली रोड, विकास कॉलोनी, वार्ड नं 53, सीकर, राजस्थान की अचानक तबीयत खराब हो गई। उनके पुत्र पवन पापड़िया ने पुलिस को बताया कि वे मंगलवार रात को बदरीनाथ धाम पहुंचे थे।
रात को ही उनकी माता की अचानक तबीयत बिगड़ी तो उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदरीनाथ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीएमओ डा. एसपी कुड़ियाल ने बताया कि महिला तीर्थयात्री की हृदयगति रुकने से मौत हुई है। वहीं, मंगलवार रात को बदरीनाथ थाना पुलिस को बदरीनाथ हाईवे पर कंचन गंगा के समीप एक व्यक्ति के अचेत अवस्था में पड़े होने की सूचना मिली।
इस पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उसे बदरीनाथ अस्पताल ले गई, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। मृतक का बांया हाथ कटा हुआ है। थानाध्यक्ष केसी भट्ट ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।