जिलाधिकारी मनुज गोयल ने कहा कि सड़क मार्ग से बिना ई-पास के कोई भी यात्री केदारनाथ नहीं जा सकता है। देवस्थानम बोर्ड के पोर्टल से ई-पास जारी किए जा रहे हैं। इसलिए यात्री किसी भी दलाल या भ्रमित करने वाले लोगों के झांसे में न आए।
डीएम ने बताया कि आगामी 15 अक्तूबर तक देवस्थानम बोर्ड का ई-पास पोर्टल पर बुकिंग फुल है। इसलिए इस दौरान जो भी केदारनाथ आने की सोच रहे हैं, फिलहाल रुक जाएं। उन्होंने कहा कि यात्रा को लेकर कुछ लोग यात्रियों को भ्रमित कर रहे हैं और बिना ई-पास के भी यात्रा करने की बात कह रहे हैं।
कहा कि केदारनाथ में एक दिन में 800 श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था है। अगर, यह संख्या कम रहती है, तो तब ई-पास से यहां पहुंचे अन्य यात्रियों को दर्शन के लिए भेजा जा रहा है। लेकिन आने वाले दिनों में यह संभावना भी ना के बराबर हो सकती है।
क्योंकि पिछले चार-पांच दिनों से ई-पास वाले 95 फीसदी से अधिक यात्री पहुंचने लगे हैं। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों से ई-पास लेकर सही जानकारी के साथ यात्रा करने की अपील की है। पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल ने बताया कि यात्रा शुरू होने के बाद से अभी तक लगभग बिना ई-पास के पहुंचे 2500 तीर्थयात्रियों को वापस भेजा जा चुका है।
उत्तराखंड में हेली सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए आठ अक्तूबर को हेलीकॉप्टर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन और कई हवाई सेवाओं को शुरू किया जाएगा। सम्मेलन में नामी हेली कंपनियों के साथ राज्य में हेली सेवाओं को बढ़ावा देने पर चर्चा की जाएगी।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विभाग की ओर से आठ अक्तूबर को सहत्रधारा हेलीपैड में हेलीकॉप्टर सम्मेलन किया जाएगा। इसके लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण ने तैयारियां शुरू कर दी है। प्राधिकरण की सीईओ स्वाति भदौरिया ने बताया कि हेलीकॉप्टर सम्मेलन में कई हेली कंपनियों को आमंत्रित किया गया है। जिसमें तकनीकी सत्र में राज्य में हेली सेवाओं को बढ़ावा देने पर कंपनियों के साथ चर्चा की जाएगी।
इसके साथ ही जौलीग्रांट एयरपोर्ट में नवनिर्मित टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया जाएगा। इसी दिन देहरादून से पिथौरागढ़, पंतनगर से पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू की जाएगी। इसके साथ ही गौचर, चिन्यालीसौड़, श्रीनगर के लिए सीधी हवाई सेवाएं शुरू की जाएगी। अभी तक उड़ान योजना के तहत श्रीनगर और गौचर के लिए कनेक्टिंग हवाई सेवाएं थी। गौचर के लिए टिहरी, श्रीनगर होते हुए हवाई सेवाएं थी। अब जौलीग्रांट और सहस्त्रधारा हेलीपैड से सीधी हवाई सेवाएं शुरू होगी।