चारधाम यात्रा की अधूरी तैयारी बाहरी राज्यों के यात्रियों के लिए मुसीबत बन रही है। ऋषिकेश से यमुनोत्री जा रहे 28 सवारियों से भरी बस को देवस्थानम बोर्ड में पंजीकरण न होने के चलते पुलिस ने लौटा दिया। कार्रवाई से बस ऑपरेटरों ने विरोध किया है।
बस ऑपरेटर विनोद भट्ट ने बताया कि उनकी एक बस मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के 28 सवारियों को लेकर यमुनोत्री जा रही थी। दोपहर 12 बजे बस जैसे ही भद्रकाली चेक पोस्ट पर पहुंची तो यहां पर तैनात पुलिस और एआरटीओ के कर्मचारियों ने बस को रोक दिया। उन्होंने बताया कि बस में जो 28 सवारी बैठी थी, उनका पंजीकरण दून स्मार्ट सिटी वेबसाइट पर किया गया था।
तारीख न मिलने पर उन्होंने देवस्थानम बोर्ड की साइट पर पंजीकरण नहीं करवाया। विनोद भट्ट ने बताया कि इस बाबत धर्मस्व सचिव की ओर से 25 सितंबर को एक आदेश जारी किया गया, आदेश के बिंदू संख्या तीन में यदि किसी यात्री को देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट पर तारीख नहीं मिलती है तो वह केवल दून स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण कर चारधाम की यात्रा पर जा सकते हैं।
यात्रियों को दर्शन के लिए न पहुंचने वाले पंजीकृत यात्रियों की जगह समायोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस को वापस भेजने से यात्रियों में राज्य को लेकर गलत संदेश दिया गया है। बताया वह इस बाबत एसएसपी टिहरी और परिवहन आयुक्त से शिकायत करेंगे।
कैंपटी चेक पोस्ट से भी लौटाई 12 सवारियां
ट्रांसपोर्टर विनोद भट्ट ने बताया कि कैंपटी चेक पोस्ट भी यमुनोत्री जा रहे टैंपों ट्रेवल को वापस लौटा दिया गया। इस टैंपों ट्रेवल में 12 सवारी सवार थे। यह सभी यात्री उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के रहने वाले थे। इनका भी दून स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर पंजीकरण करा रखा था। देवस्थानम बोर्ड की साइट पर पंजीकरण नहीं कराया।