हरीश गौड़ ने बताया कि परंपरा के अनुसार केदारनाथ धाम व यमुनोत्री मंदिर के कपाट भैया दूज को बंद हो जाते हैं। इसलिए इस साल दोनों धाम के कपाट भैया दूज के अवसर आगामी छह नवंबर को बंद हो जाएंगे। जबकि हर साल की तरह इस साल भी गंगोत्री मंदिर के कपाट गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पर्व पर पांच नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो जाएंगे।
इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि तथा डोली यात्रा कार्यक्रम और श्री मद्महेश्वर मेला की तिथि भी विजयदशमी के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में तय होगी।
17 अक्तूबर को बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट
मध्य हिमालय में चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात भगवान रुद्रनाथ के कपाट 17 अक्तूबर को कार्तिक संक्रांति के पावन पर्व पर ब्रह्ममुहूर्त में अभिषेक पूजा के बाद शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। उसी दिन भगवान की उत्सव डोली पनार बुग्याल और सगर गांव से होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हो जाएगी।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट, रुद्रनाथ के पुजारी धर्मेंद्र तिवाड़ी, गोपीनाथ-रूद्रनाथ मंदिर के प्रबंधक आशुतोष भट्ट और हकहकूकधारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि भगवान रूद्रनाथ मंदिर के कपाट रीति-रिवाज के तहत 17 अक्तूबर को बंद कर दिए जाएंगे। उसी दिन भगवान रुद्रनाथ शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर में स्थापित कर दी जाएगी।