फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चारधाम यात्रा 2021: बदरीनाथ धाम में फिर बढ़ने लगी तीर्थयात्रियों की संख्या, बुधवार को 2040 श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

Wed, 10 Nov 2021 10:24 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, गोपेश्वर 

सार

Chardham yatra 2021: 15 नवंबर से बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। वहीं, 20 नवंबर को धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे।
विज्ञापन
बदरीनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदरीनाथ धाम में इन दिनों तीर्थयात्रियों की संख्या में फिर से इजाफा हो गया है। बुधवार को 2040 तीर्थयात्रियों ने भगवान बदरीनाथ के दर्शन किए। 20 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे। 15 नवंबर से धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी।

विज्ञापन


धाम के दर्शनों को परिवार के साथ पहुंचे कैलाश नौटियाल ने बताया कि बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की खुशहाली की मनौतियां मांगी। देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट बंद हो गए हैं। अब बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की प्रक्रिया भी एक सप्ताह बाद शुरू हो जाएगी।
सी डेस्क :: 

बंद होने लगे गंगोत्री यमुनोत्री धाम के चेकपोस्ट 
गंगोत्री धाम, केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम समेत एक-एक करके सभी धामों के कपाट बंद होने के साथ ही परिवहन विभाग के चेकपोस्टों पर तैनात अधिकारियों, कर्मचारियों ने भी अपना बोरिया बिस्तर समेटना शुरू कर दिया है। गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के साथ ही परिवहन विभाग के आला अधिकारियों के निर्देश पर ब्रह्मपुरी में स्थापित किए गए चेकपोस्ट को बंद कर दिया गया है।
विज्ञापन


आरटीओ (प्रवर्तन) संदीप सैनी ने बताया कि केदारनाथ धाम्र, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो चुके हैं जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 20 नवंबर को बंद किए जाएंगे। ऐसे में ऋषिकेश से आगे तपोवन में विभागीय चेकपोस्ट पर यात्रा पर जाने वाली गाड़ियों की जांच की जा रही है। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही तपोवन चेकपोस्ट को भी बंद कर दिया जाएगा। 

बता दें कि हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार की ओर से चारधाम यात्रा शुरू किए जाने के साथ ही परिवहन विभाग की ओर से तपोवन, ब्रह्मपुरी समेत यात्रा मार्ग पर जगह-जगह चेकपोस्ट स्थापित किए गए थे ताकि चारधाम यात्रा पर सिर्फ उन्हीं गाड़ियों को जाने की इजाजत दी जा सके जो पूरी तरह से हिट है। चेकपोस्टों पर न सिर्फ गाड़ियों के तमाम कागजात चेक किए गए, वरन चारधाम यात्रा पर जाने वाले तमाम तीर्थयात्रियों का भी ब्योरा जुटाया गया, ताकि इस बात की जानकारी जुटायी कि आखिरकार इस साल कितने तीर्थयात्रियों ने चारधाम यात्रा की। 

पालकी में बैठकर अनसूया माता मंदिर पहुंचीं उमा भारती 
केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती बुधवार को पालकी में बैठकर माता अनसूया के मंदिर पहुंचीं। उमा भारती ने मंदिर में पहुंचते ही जय माता अनसूया के जयकारे भी लगाए। उन्होंने मंदिर में करीब आधा घंटे तक ध्यान, साधना की और माता अनसूया की पूजा-अर्चना की। 

विज्ञापन

तीन माह बाद होगा कोठा व अधीनस्थ मंदिरों का पुनरोद्धार

जीर्णशीर्ण पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर का कोठा भवन एवं अधीनस्थ मंदिरों का पुनरोद्धार कार्य अगले तीन माह में शुरू हो जाएगा। इसी सप्ताह देहरादून से आर्केटेक्ट ऊखीमठ पहुंचकर ओंकारेश्वर मंदिर क्षेत्र का वृहद सर्वेक्षण कर नव निर्माण के लिए डिजायन तैयार करेगा। दो चरणों में होने वाले पुनरोद्धार कार्य के पहले चरण के लिए एक करोड़ रुपये भी जारी हो गए हैं।

भगवान श्रीकृष्ण के पौत्र अनिरूद्ध व वाणासुर की पुत्री ऊषा के विवाह की साक्षी ऊखीमठ नगरी में स्थापित ओंकारेश्वर मंदिर का कोठा भवन व अधीनस्थ मंदिर जर्जर हो चुके हैं। लेकिन अब, इसके पुनरोद्धार के लिए सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य भी फरवरी 2022 से शुरू हो जाएगा। इसके लिए देवस्थानम बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 2021/22 के लिए एक करोड़ की धनराशि जारी कर चुका है। दो चरणों में होने वाले निर्माण कार्यों में पहले चरण में ओंकारेश्वर मंदिर क्षेत्र खाली पड़ी भूमि का समतलीकरण व अन्य भूमि को खाली किया जाएगा।

पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर कोठा भवन व अधीनस्थ मंदिरों का पुनरोद्धार कार्य दो चरणों में होना है। सभी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इस सप्ताह आर्केटेक्ट ऊखीमठ पहुंच रहे हैं, जो सर्वेक्षण कर डिजायन तैयार करेंगे। जिसके आधार पर पुनरोद्धार कार्य किए जाएंगे। 
- अनिल ध्यान, अधिशासी अभियंता, चारधाम देवस्थानम बोर्ड 

चौरंगी देवता मेले में देव डोलियों से आशीर्वाद लेने उमड़े श्रद्धालु
त्रिवार्षिक पौराणिक श्री चौरंगी देवता मेले में देव डोलियों से आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। बुधवार को मेले के चौथे दिन ग्राम लोदाड़ा में मेले का ग्राम देवता तामेश्वर, चौरंगी, भैरव देवता की मौजूदगी में भाजपा नेता लोकेंद्र बिष्ट ने शुभारंभ किया। 

गाजणा पट्टी के चौंदियाट गांव, दिखोली, सौड़, लोदाड़ा व भेटियारा समेत पांच गांवों का संयुक्त श्री चौरंगी देवता मेला हर तीसरे साल आयोजित होता है। इसमें मेला क्षेत्र के प्रमुख आराध्य देव भगवान तामेश्वर, चौरंगी नाथ की डोली, श्री हलवा देवता, नागराजा की डोली, हरि महाराज का ढोल, खंडद्वारी माता की डोली के साथ हजारों की संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं। जिस गांव में यह मेला होता है, वहां मेलार्थियों के खाने-पीने की व्यवस्था ग्रामीण करते हैं। बुधवार को मेले में पहुंचे मुख्य अतिथि भाजपा नेता लोकेंद्र बिष्ट ने कहा कि गांव और ग्रामीण ही पहाड़ की संस्कृति को जीवित रखे हुए हैं। उन्होंने क्षेत्र की खुशहाली व समृद्धि की कामना करते हुए मेला आयोजन समिति को शुभकामनाएं दीं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें