महामंत्री हरीश डिमरी ने बताया कि महापंचायत ने यह साफ कहा है कि किसी भी सूरत में तीस जून से पहले यात्रा शुरू न हो। महापंचायत ने पूछा है कि यात्रा शुरू करने से पहले होटल, धर्मशाला, पुरोहितों सहित यात्रा से जुड़े अन्य लोगों को क्या सरकार ने पास दे दिए हैं। क्या चारों धामों सहित अन्य मंदिर समूहों में सोशल डिस्टेंस, सैनिटाइजेशन आदि की व्यवस्था कर ली गई है।
महापंचायत का कहना है कि मानसून से ठीक पहले यात्रा शुरू करने का औचित्य समझ से परे है। इससे कोरोना संक्रमण धामों में भी पहुंच जाएगा। ऐसी स्थिति में रोजी रोटी के साथ ही यात्रा से जुड़े लोगों का जीवन भी संकट में पड़ जाएगा। महापंचायत ने इसके साथ ही पुरोहितों सहित अन्य लोगों के लिए आर्थिक पैकेज की मांग की है। महापंचायत के प्रवक्ता डा. बृजेश सती का कहना है कि चार धाम यात्रा शुरू करने का हर वर्ग विरोध कर रहा है।