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लेखक से मिलिए: उम्र के 92वें साल की दहलीज पर खड़े, लिखने और पढ़ने की आदतें जानकर चौंक जाएंगे, दिल खोलकर कहीं बातें

Tue, 03 May 2022 01:00 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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एलबीएस एकेडमी के पूर्व निदेशक संजीव चोपड़ा, वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार राज कंवर, उद्योगपति राकेश ओबरॉय और डीएवी कॉलेज की छात्रा। - फोटो : अमर उजाला
" जवानी के दिनों में लोग मुझे किताब वाला आदमी कहने लगे थे...बस स्टॉप, बाजार, रेलवे स्टेशन, घर-दफ्तर जहाँ कहीं भी मेरे पास कुछ मिनट का समय होता, मैं अपने बैग से किताब निकाल कर पढ़ने लगता। आज भी अखबार पढ़ने में दो घंटे लगाता हूँ। हर रोज कम से कम 8 घंटे मैं लेखन में व्यतीत करता हूँ।"

यह कहना है देहरादून के प्रतिष्ठित बुजुर्ग लेखक राज कंवर का। उम्र के 92वें साल की दहलीज पर खड़े राज कंवर इतवार को वैली ऑफ वर्ड्स कैफ़े के  'लेखक से मिलिए' कार्यक्रम में मौजूद थे और सबको अपना दिल खोल कर दिखा रहे थे। उनको सुनने पहुंचे अपने कद्रदानों को उन्होंने लेखन का एक मूलमंत्र भी दिया। उन्होंने कहा कि , ' रीडिंग करने वाले सारे लोग राइटर नहीं होते, लेकिन हरेक राइटर यकीनन रीडिंग करनेवाला शख्स होता है। जब तक पढ़ने का जुनून न हो, लिखने का हुनर नहीं आता।'

 उन्होंने कहा कि इन दिनों भी वह रीडिंग को भरपूर वक़्त देने की कोशिश करते हैं। सुबह 2 घंटे अखबार पढ़ते हैं। रात को 2 घंटे चुनिंदा किताबों का अध्ययन करते हैं। रात्रि 10 बजे तक सो जाते हैं और सुबह 6 बजे उठ जाते हैं। कुल मिलाकर 24 में से 12 घंटे लिखने और पढ़ने को समर्पित करते हैं। 
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पुस्तक प्रेमियों की मुलाक़ात कराने का सिलसिला जारी

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लेखक से मिलिए' कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
'ओ एन जी सी - एन अनटोल्ड स्टोरी' और 'डेटलाइन देहरादून' जैसी चर्चित किताबें लिखने वाले राज कंवर इन दिनों अपनी अगली पुस्तक- राइटर ऑफ ओबीचरिज'- पर काम कर रहे हैं। द हिन्दू, टाइम्स ऑफ इंडिया, गढ़वाल पोस्ट और हिमाचल टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में हज़ारों लेख लिख चुके राज कंवर उम्र के दसवें दशक में भी खासे चुस्त नज़र आते हैं।
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लेखक से मिलिए' कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
इतवार शाम उन्होंने डीएवी कॉलेज के छात्र-छात्राओं को अपनी कुछ किताबें भेंट की और अपने जीवन के कई रोचक किस्से भी सुनाए। उनकी पत्नी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थीं। 

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लेखक से मिलिए' कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
वैली ऑफ वर्ड्स कैफ़े के प्रमुख और लाल बहादुर शास्त्री आईएएस एकेडमी के पूर्व निदेशक संजीव चोपड़ा ने इस मौके पर कहा कि श्री कंवर लेखकों की युवा पीढ़ी के लिए कर्मनिष्ठा और लगन की एक शानदार मिसाल हैं।

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लेखक से मिलिए' कार्यक्रम का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि दून घाटी के लेखकों से पुस्तक प्रेमियों की मुलाक़ात कराने का सिलसिला  कैफ़े में जारी रहेगा। 
 
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