बिरही में शनिवार को बदरीनाथ हाईवे का सात मीटर हिस्सा अलकनंदा में समा गया था अब रविवार को हाईवे बीस मीटर और धंस गया है। यहां आवाजाही में लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है
बिरही में सड़क के नीचे अलकनंदा होने के कारण वाहनों की आवाजाही रुक-रुककर करवाई जा रही है। अब यहां नदी साइड अस्थायी पुश्ता निर्माण के लिए भी जगह नहीं बची है। बिरही में बड़े वाहनों की आवाजाही मुश्किल से हो पा रही है।
ट्रक और बड़ी बसों की छत चट्टान को छू रही है। एनएचआईडीसीएल के जीएम आरसी मिश्रा ने बताया कि सड़क को वाहनों की आवाजाही लायक बना दिया गया है। यहां सड़क के चौड़ीकरण की योजना भी बनाई जा रही है।
ऊखीमठ-चोपता-गोपेश्वर मोटर मार्ग पर बैरागना के समीप एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त होने से एक कांवड़िया गंभीर रुप से घायल हो गया। उसे गोपेश्वर जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। मिली जानकारी के मुताबिक रविवार को पूर्वाह्न ग्यारह बजे कांवड़िया रवीन पुत्र पवन निवासी शामली, मंजारेडी, मनेड़ा, (उत्तर प्रदेश) अपने एक अन्य साथी के साथ बाइक से गोपेश्वर से तुंगनाथ मंदिर के दर्शनों को जा रहा था।
तभी बैरागना के समीप उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक वाहन से जा टकराई, जिससे रवीन गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय निवासी कैलाश राणा, राजमोहन राणा और पिंटू ने घायल को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
बदरीनाथ हाईवे पर चमोली चाड़े से अलकनंदा में समाए ट्रक से चालक का शव बरामद हुआ। उसकी पहचान नेपाली मूल के संजय (25) पुत्र गंगा सिंह, बंदरखंड, गौचर के रूप में की गई है। अभी तक ट्रक और उसमें सवार अन्य लोगों का कुछ पता नहीं लग सका है।
थानाध्यक्ष महेश लखेड़ा ने बताया कि ऋषिकेश से सीमेंट लेकर एक ट्रक पीपलकोटी जा रहा था। शाम साढ़े पांच बजे कुछ लोगों ने एक वाहन के अलकनंदा में गिरने की सूचना दी थी। इस पर एनडीआरएफ और पुलिस की टीमों ने अलकनंदा में खोज शुरू की। रेस्क्यू के दौरान देर रात ट्रक चालक संजय का शव बरामद हुआ। अलकनंदा का जलस्तर बढ़ा होने के कारण वाहन और उसमें अन्य सवारों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
उन्होंने बताया कि ट्रक में कितने लोग सवार थे, इसका पता नहीं चल पाया है और ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारणों का भी कोई पता नहीं चल पाया है। रविवार को भी दिनभर खोज जारी रही।