अजेंद्र ने स्पष्ट किया कि केदारनाथ धाम के गर्भ गृह को स्वर्ण मंडित करने के लिए बीकेटीसी ने कोई सोना नहीं खरीदा। दानीदाता के अनुरोध पर बीकेटीसी ने बोर्ड बैठक में अनुमति दी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के विशेषज्ञों की देखरेख में स्वर्ण मंडित करने का कार्य दानीदाता ने अपने स्वर्णकार से कराया। मंदिर के गर्भ गृह में पहले चांदी की परतें चढ़ाई गई थी। जिसका वजन 230 किलोग्राम था। इसकी जगह 23 किलो. सोने की परत चढ़ाई गई। सोने की परत एक हजार किलो.तांबे की प्लेट के ऊपर लगाई थी।