इसके साथ ही चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के दृष्टिगत एक एसएमएस वेदर अपडेट सिस्टम लागू करने, यात्रा रूट पर पीपी मॉडल या सीएसआर के तहत मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने, धामों में भीड़ नियंत्रण के लिए बैच वाइज दर्शन की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव, सचिव पर्यटन, कमिश्नर गढ़वाल सहित अन्य अधिकारी तथा आईआईएम रोहतक के निदेशक व उनकी टीम मौजूद रही।
क्या होता है आरएफआइडी
आरएफआइडी पहचान का एक स्वचालित तरीका है जो गैर-संपर्क वायरलेस रेडियो फ्रीक्वेंसी सिग्नल का उपयोग करता है। इसमें सूचना को RFID टैग या स्मार्ट लेबल में डिजिटल रूप से एम्बेड किया जाता है। डाटा ट्रांसमिशन ऐसे रीडर और चल वस्तु के बीच होता है जिसे पता लगाया जा सकता है और मॉनिटर किया जा सकता है।