देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के महिला विंग में गर्भवती महिलाओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड से लेकर प्रसव कराने और बेड की किल्लत से परेशानी झेलनी पड़ रही है। बेड की कमी की वजह से एक बेड पर दो-दो महिलाओं को भी भर्ती करना पड़ रहा है।
शनिवार को भी एक महिला को भर्ती कराने के लिए परिजन घंटों इंतजार करते रहे। प्राचार्य और चिकित्सा अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद देर रात महिला को भर्ती कराया जा सका। गौचर (चमोली) निवासी ममता को परिजन श्रीनगर मेडिकल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। वहां पर डॉक्टरों ने गर्भस्थ शिशु को प्रीमेच्योर बताते हुए देहरादून रेफर कर दिया। महिला को लेकर शनिवार को परिजन महिला दून अस्पताल पहुंचे। यहां भी डॉक्टरों और स्टाफ ने बेड और अल्ट्रासांउड की तत्काल व्यवस्था न होने की बात कहकर दूूसरे अस्पताल जाने के लिए कहा। मामला प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना तक पहुंचा तो उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक और महिला विंग के डॉक्टरों से बात की। प्राचार्य को भी बेड की कमी होने की बात कही गई। शनिवार रात करीब साढ़े 11 बजे महिला को भर्ती कराया जा सका। रविवार को भी डॉक्टरों ने कहा कि आज अल्ट्रासाउंड नहीं हो सकता है। सोमवार को अल्ट्रासाउंड के बाद ही सीजेरियन प्रसव के बारे में कुछ कहा जा सकेगा।
इसी तरह, रायपुर निवासी आसिफ हुसैन ने बताया कि उनकी पत्नी की डिलीवरी होनी थी। रविवार को राजकीय जिला गांधी शताब्दी अस्पताल में गए तो उन्होंने महिला की स्थिति गंभीर बताते हुए कहा कि वहां पर इस समय आईसीयू की व्यवस्था नहीं है। इसलिए महिला दून अस्पताल रेफर कर दिया। यहां भी बेड न होने की बात कहकर डॉक्टरों ने अन्य अस्पताल में ले जाने की बात कही। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर काफी देर बाद महिला को भर्ती किया गया। प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि आजकल दबाव ज्यादा है। जल्द ही नई ओटी बिल्डिंग भी बनकर तैयार हो जाएगी। इसके बाद दिक्कत दूर हो जाएगी।