विधानसभा कूच के दौरान रोके जाने पर रिस्पना पुल के पास विरोध-प्रदर्शन करतीं आशा कार्यकर्ता। संवा
- फोटो : DEHRADUN
उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन (सीटू से संबद्ध) आशा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को धर्मपुर से विधानसभा कूच किया। पुलिस ने आशाओं को रिस्पना पुल से पहले रोक लिया। विरोध में आशाएं सड़क पर धरने पर बैठ गईं। कुछ देर बाद सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के बाद आशाओं ने धरना समाप्त कर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष अध्यक्ष शिवा दुबे ने कहा कि आशाएं मानदेय बढ़ाने का शासनादेश जारी करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं। कार्यबहिष्कार कर सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन के बावजूद किसी भी जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी। शासन स्तर पर हुई वार्ता में सहमति बनने के बाद भी उनके संबंध में शासनादेश जारी न होने से आशाएं नाराज हैं। कहा कि बीती नौ अगस्त को स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी से यूनियन के प्रतिनिधिमंडल की वार्ता हुई थी। इस पर शासन ने कुछ मांगों पर सहमति दी थी, लेकिन शासनादेश जारी नहीं होने के कारण आंदोलन जारी है।
प्रदर्शनकारियों में प्रांतीय उपाध्यक्ष कलावती चन्दोला, जिलाध्यक्ष सुनीता चौहान, अनिता भट्ट, पुष्पा खंडूड़ी, लक्ष्मी राणा, पूजा, मीना, कान्ति, लीना, सुनीता, रेखा, कल्पेश्वरी, नीरजा, उर्मिला, सानिया, रेखा शामिल रहीं।