फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होली पर जैसे तैसे घरों को पहुंच गए, लेकिन अब वापसी के लिए ट्रेनों में नहीं मिल रही सीटें

विज्ञापन
विज्ञापन
होली पर यूपी, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल अपने घरों को जाकर होली मनाने वाले यात्रियों के लिए अब वापसी को लेकर संकट खड़ा हो गया है। लोग जैसे-तैसे देहरादूून से जाने वाली ट्रेनों में सवार होकर अपने घरों को पहुंच गए लेकिन अब उन्हें वापसी के लिए ट्रेनों में आरक्षण नहीं मिल पा रहा है। प्रयागराज- देहरादून लिंक एक्सप्रेस, गोरखपुर - देहरादून राप्तीगंगा एक्सप्रेस, हावड़ा - देहरादून उपासना एक्सप्रेस, मुजफ्फरपुर- देहरादून राप्ती गंगा एक्सप्रेस, वाराणसी- जनता एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में सीटें फुल होने की वजह से लोगों को वापसी के लिए सीटें नहीं मिल रही है। ऐसे में होली मनाने के लिए अपने घरों को गए लोगों को आरक्षण के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। हालांकि यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए रेलवे बोर्ड, उत्तर रेलवे की ओर से देहरादून से संचालित होने वाली ज्यादातर ट्रेनों में अतिरिक्त स्लीपर और वातानुकूलित कोच लगाए गए। लेकिन यात्रियों की दिक्कतें बरकरार हैं। उन यात्रियों की स्थिति को ठीक है जो बहुत पहले आरक्षण करा लिए थे लेकिन तत्काल आरक्षण कराने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन

देहरादून- लखनऊ के बीच नंदा देवी जैसी एक्सप्रेस चलाने की मांग
लखनऊ के बीच सीधी हवाई सेवा शुरू किए जाने के बाद अब देहरादून से लखनऊ के बीच सीधी ट्रेन संचालित किए जाने की मांग शुरू कर दी गई है। सामाजिक संगठन संगम ट्रस्ट के अध्यक्ष राजेश तिवारी व पूर्वा सांस्कृतिक मंच के संस्थापक सचिव सुभाष झा का कहना है कि जिस तरीके से दून से नईदिल्ली के बीच सीधी सेवा ट्रेन सेवा संचालित की जा रही है, उसी तर्ज पर देहरादून से लखनऊ के बीच नंदा देवी एक्सप्रेस जैसी ट्रेन चलाए जाने की जरूरत है। दोनों पदाधिकारियों का कहना है कि देहरादून से लखनऊ के बीच बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं और सीधी ट्रेन सेवा नहीं होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। देहरादून से हावड़ा एक्सप्रेस, उपासना एक्सप्रेस व जनता एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों का संचालन तो किया जाता है लेकिन इन ट्रेनों में भीड़ इतनी थी कि लखनऊ जाने वाले यात्रियों को सीटें नही मिल पाती है। बता दें कि देहरादून से लखनऊ के बीच सीधी ट्रेन सेवा संचालित किए जाने की मांग पहले भी उठाई जा चुकी है लेकिन रेलवे बोर्ड उत्तर रेलवे की ओर से इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें