नवंबर, 2021 में यह बढ़ी हुई अवधि भी खत्म हो गई। इसके साथ ही राज्य विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। अब दोनों संस्थाएं निष्क्रिय हैं। इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि ऑरेंज कैटेगरी के नए प्रोजेक्ट और उद्योगों के विस्तार के लिए राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण की मंजूरी लेनी जरूरी होती है। प्राधिकरण के सक्रिय न होने से औद्योगिक विकास से जुड़े करीब 30 प्रस्ताव लंबित पड़े हैं।
क्या काम करता है एसईआईएए
एसईआईएए सौ हेक्टेयर तक माइनर खनन, 50 मेगावाट तक के हाइड्रो प्रोजेक्ट, थर्मल पावर प्लांट, नदी घाटी, बुनियादी अवसंरचना, सौ किमी तक नई सड़क के निर्माण, ऑरेंज केटेगरी के उद्योगों की स्थापना, बहुत छोटे इलेक्ट्रोप्लेटिंग या फाउंड्री इकाइयों और छोटे होटल स्थापित करने लिए पर्यावरणीय मंजूरी प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित परियोजनाओं का पर्यावरण और लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन करने और इस प्रभाव को कम करने का प्रयास करना है।
बीते कार्यकाल में छह सौ प्रस्तावों को दी थी मंजूरी