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अल्मोड़ा जेल छापा: बागेश्वर का है मुख्य चरस सप्लायर, रोडवेज संविदा कंडक्टर भी है शामिल 

Wed, 24 Nov 2021 11:35 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा

सार

एसटीएफ ने मंगलवार को अल्मोड़ा जेल में छापा मारा था। यहां से हत्या के जुर्म में आजीवन कैद की सजा काट रहे महिपाल उर्फ बड़ा की बैरिक से मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुए थे।
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जेल - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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अल्मोड़ा जेल में छापे के बाद एसटीएफ की पकड़ में तस्करों का बड़ा गैंग आया है। नशे की सप्लाई रोडवेज के एक संविदा कंडक्टर के माध्यम से की जाती थी। यह कंडक्टर बागेश्वर निवासी मुख्य सप्लायर से नशा लाकर देता था। पांच आरोपियों को एसटीएफ ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था। जबकि, मुख्य सप्लायर समेत तीन आरोपी अभी पकड़ से बाहर हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। 

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एसटीएफ ने मंगलवार को अल्मोड़ा जेल में छापा मारा था। यहां से हत्या के जुर्म में आजीवन कैद की सजा काट रहे महिपाल उर्फ बड़ा की बैरिक से मोबाइल और सिम कार्ड बरामद हुए थे। पता चला कि वह अपने एक साथी अंकित बिष्ट उर्फ अंगी दा के साथ मिलकर प्रदेश में नशे का धंधा करता है। इन्हें ऑनलाइन भुगतान भी आता है। इस पर पुलिस ने दीपक तिवारी, संतोष रावत, भास्कर नेगी, संतोष (महिला) और मनीष बिष्ट को गिरफ्तार किया था। इनके पास से करीब दो किलो चरस और 10 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। इनसे पूछताछ में तीन और आरोपियों के नाम सामने आए हैं। 

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एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि आरोपियों ने बताया कि उनका मुख्य चरस सप्लायर बागेश्वर निवासी भूपेंद्र उर्फ भुप्पि  निवासी ग्राम चौड़ा, कपकोट, बागेश्वर है। सबसे पहले महिपाल और अंकित बिष्ट भूपेंद्र से फोन पर बात करते हैं। माल किसे और कब किस समय पहुंचाना है यह सब तय किया जाता है। इसके बाद इस सामान को अजय गुप्ता नाम का रोडवेज बस कंडक्टर (संविदा) लेकर आता है। वह इस सामान को दीपक तिवारी, संतोष रावत, भास्कर नेगी व महिला संतोष को दे देता है। यह सब इन्हें पुड़ियों में बांधकर अलग-अलग लोगों को सप्लाई करते हैं। पुलिस अजय कुमार गुप्ता, ऋषिकेश की एक महिला और भूपेंद्र उर्फ भुप्पि की तलाश में जुटी है। 

कोई बीटेक का छात्र तो कोई डिप्लोमा होल्डर 
पकड़ में आए ग्रुप के लोगों में ज्यादातर पढ़े लिखे लोग हैं। इनमें दीपक तिवारी एक प्रतिष्ठित विवि से बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। जबकि, अंकित बिष्ट लॉ ग्रेजुएट है। मनीष बिष्ट और संतोष रावत डिप्लोमा होल्डर हैं। मनीष पौड़ी के एक सरकारी ब्लड बैंक में काम करता है। उसी के माध्यम से सारा ऑनलाइन लेनदेन होता है। 
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महिला संतोष पर हैं 17 मुदकमें दर्ज 
मंगलवार को गिरफ्तार की गई महिला संतोष के शातिर नशा तस्कर है। उसके पास से आधा किलो चरस और 10 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। अब पता चला है कि उसके खिलाफ पहले से ही 17 मुदकमें एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज हैं। महिपाल के खिलाफ देहरादून में हत्या, गुंडा एक्ट, गैंगेस्टर एक्ट व आबकारी के 16 मुदकमें हैं। वह हत्या के दोष में सजा भुगत है। उसके साथी अंकित के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमें दर्ज हैं।

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